June 20, 2024

प्रदेश में पर्यटन, उर्जा, निर्माण इत्यादि क्षेत्रों में होगा 20 हजार करोड़ रुपये का निजि निवेश: संदर सिंह ठाकुर

1 min read

रिकांग पिओ में आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस के अवसर पर बोले मुख्य संसदीय सचिव

शिवालिक पत्रिका, रिकांगपिओ, मुख्य संसदीय सचिव (बहुउदेश्यीय परियोजनाएं, उर्जा, वन, पर्यटन एवं परिवहन) सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन, उर्जा, निर्माण, आवास इत्यादि क्षेत्रों में लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का निजी निवेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के इस प्रयास से आने वाले समय में लगभग 90 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों में वन स्वीकतियां देने में अधिक समय लगता है। ऐसे सभी मामलों में तेजी लाने के लिए सरकार ने जिला स्तरीय समितियां गठित की हैं जो समय-समय पर अपने जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ फाॅरेस्ट क्लीयरेंस मामलों की समीक्षा करेंगी। सुंदर सिंह ठाकुर जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित आईटीबीपी ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।

उन्होंने हिमाचल दिवस की समस्त क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खु सरकार प्रदेश में सत्ता-सुख के लिए नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त, संवेदनशील तथा जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई कड़े कदम उठाए हैं। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में व्यापत भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए जहां इसे भंग किया है तो वहीं संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन व प्रशासन उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां मनरेगा दिहाड़ी को 212 रुपये से बढ़ाकर 240 रुपये किया है तो वहीं जनजातीय क्षेत्रों में इसे 266 रुपये से बढ़ाकर 294 रुपये किया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। इसी दृष्टिकोण के तहत जिला किन्नौर में 20 बीघा से कम भू-मालिकों को आने वाले समय में नो-तोड़ के तहत भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। साथ ही, एफ.आर.ए को बहाल कर लोगों को व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर भी भू-पट्टे प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के तहत ही प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों के पालन पोषण एवं शिक्षा इत्यादि की चिंता करते हुए 101 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री सुखाश्रय कोष स्थापित किया है। सरकार के इस अहम निर्णय से प्रदेश में लगभग 6 हजार अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे। साथ ही, कहा कि विधवाओं एवं एकल नारियों को मकान बनाने के लिए मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना शुरू की जा रही है तथा इस योजना के माध्यम से इस वर्ष लगभग 7 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा। सी.पी.एस ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में विकसित करने का अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रदेश में 6 ग्रीन काॅरिडोर चिन्हित किए हैं जहां इलैक्ट्रीक वाहन के माध्यम से यातायात सुविधा प्रदान की जाएगी। इसी निर्णय के अंतर्गत जिला किन्नौर के एनएच-5 को भी ग्रीन काॅरिडोर में शामिल किया गया है तथा प्रत्येक 40 किलोमीटर के अंतराल पर यहां इलैक्ट्रीक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे तो वहीं शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं को देखते हुए एश्यिन विकास बैंक के माध्यम से 1311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास योजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को हवाई परिवहन सेवाओं से जोड़ने के लिए हैलीपोर्ट के निर्माण व विस्तार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर के रिकांग पिओ में भी जल्द ही हैलीपोर्ट स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए जमीन पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके अलावा जिला किन्नौर में विभिन्न पन बिजली परियोजनाओं के डैमों में जल क्रीड़ाएं शुरू करने की दिशा में भी सरकार प्रयास करेगी। इसके अतिरिक्त जिला के छितकुल से रकच्छम के बीच राॅफटिंग सुविधा विकसित करने का भी प्रयास करेगी। इससे जहां इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बल मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार के नए साधन भी सृजित होंगे।

मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश में पिछली सरकार की नाकामियों के कारण बंद पड़ी पन विद्युत परियोजनाओं को पाॅवर काॅरपरेशन के माध्यम से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे जहां प्रदेश को औसतन एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय प्रतिवर्ष सृजित होगी तो वहीं हिमाचल प्रदेश को उर्जा प्रदेश बनाने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में ऐसी कई पन बिजली परियोजनाओं को पुनः शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पन विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सैस लगाने का भी अहम निर्णय लिया गया है। साथ ही, कहा कि जिला किन्नौर में स्थापित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में भी प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटियों को सम्पति में समान अधिकार प्रदान करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम में संशोधन विधेयक को प्रदेश विधानसभा में पारित किया गया है। सरकार के इस कदम से अब बेटियों को पैतृक सम्पत्ति के भू-स्वामित्व में समान अधिकार सुनिश्चित बनाया है। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में पहले से ही चल रहे स्कूलों में सभी गुणात्मक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं जहां सभी आधुनिक आवश्यक उपकरण शिक्षा के लिए उपलब्ध रहेंगे तथा जिला किन्नौर में भी यह स्कूल जल्द स्थापित किया जाएगा जिसके लिए औपचारिकताओं को पूर्ण किया जा रहा है। इसके अलावा जिला किन्नौर में गुणात्मक शिक्षा की दृष्टि से सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से अंग्रेजी माध्यम पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे तो वहीं अध्यापकों को भी डाईट के माध्यम से आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों बारे प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा विकसित करने के लिए रैंकिंग भी सुनिश्चित की जाएगी।

उनहोंने कहा कि स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण लाडा के तहत पन विद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली डेढ़ प्रतिशत राशि को भी नियमित अंतराल पर वसूल किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों के विकास कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रदेश सरकार आने वाले समय में ठोस कदम उठाएगी।

इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा आई.टी.बी.पी, पुलिस, होमगार्ड, एन.सी.सी, एन.एस.एस व स्काउट एण्ड गाईडस की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे पहले समारोह स्थल पर पहुंचने पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ सी.पी.एस का स्वागत किया।

इस मौके पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने देश भक्ति एवं लोक संस्कृति पर आधारित रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। अंत में मुख्य अतिथि ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, खिलाड़ियों इत्यादि को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया तथा परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वालों को पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल, मुख्य अरण्यपाल रामपुर अजीत, कमांडेंट आईटीबीपी देवेंद्र सिंह, उपमण्डलाधिकारी कल्पा डाॅ. मेजर शशांक गुप्ता, परियोजना अधिकारी आई.टी.डी.पी लक्ष्मण सिंह कनेट, सहायक आयुक्त राजेंद्र गौतम, जिला परिषद सदस्य हितैष नेगी, पंचायत समिति सदस्य ललिता पंचारस व सूबेदार नरेंद्र, कांग्रेस के कल्पा ब्लाॅक के अध्यक्ष प्रीतम नेगी, पूह ब्लाॅक के अध्यक्ष प्रेम नेगी, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के जन प्रतिनिधि व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

बेहतरीन कार्य करने के लिए जिला लोक सम्पर्क कार्यालय के आशुटंकक हुए सम्मानित

हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव ने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया जिनमें जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय के आशुटंकक वरूण कश्यप भी शामिल रहे। वरूण कश्यप ने जहां प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों व योजनाओं को पर्दे के पीछे रहकर आम जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कार्य किया है तो वहीं कोरोना काल के दौरान लोगों को जागरूक करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है। जिला प्रशासन द्वारा वरूण कश्यप को सम्मानित करने पर जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी है। इसके अलावा दयाल सिंह, विजय लक्षमी, जितेंद्र पाल, किशोरी लाल, राकेश श्याम, भानू प्रकाश, संदीप कुमार, संजीव कुमार, अंजली, अंतरा, एएसआई कुलदीप कुमार, काॅस्टेबल मुनीष कुमार, रामकुष्ण, चंद्र प्रकाश, अक्ष्य कुमार, भानू प्रकाश, कैप्टन राहुल ठाकुर, जगदीश चंद्र, देवांश बिष्ट को भी शामिल किया गया।

इन संस्थानों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

हिमाचल दिवस समारोह पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी, रिकांग पिओ, डाईट, आई.टी.आई, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, उड़ान पब्लिक स्कूल तथा महादेव खेल एवं सांस्कृतिक कल्ब पवारी ने रंगा-रंग देश भक्ति एवं लोक संस्कृति पर रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *