June 19, 2024

दिल्ली के कस्तूरबा बालिका विद्यालय  के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल

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जब दत्तात्रेय 10 मिनट के लिए अध्यापक बने
शिवालिक पत्रिका, चंडीगढ़, 
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि लड़कियां अच्छा पढ़े और आगे बढ़े। उन्होंने लड़कियों से कहा कि वे आत्मविश्वास रखे और हिम्मत से काम ले। दत्तात्रेय दिल्ली के कस्तूरबा बालिका विद्यालय के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविंद, हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष शंकर कुमार सान्याल, अक्षय पात्रा संस्थान के ट्रस्टी भरत ऋषभ दास, सहयोग संस्थान की अध्यक्ष सुश्री स्वाति कोविंद, कस्तूरबा बालिका विद्यालय  के प्रबंधक श्याम सूरी तथा विद्यालय की उप प्रधानाचार्य अनिता शर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में रामनाथ कोविंद तथा राज्यपाल दत्तात्रेय ने प्रत्येक कक्षा में पहले व दूसरे  स्थान पर रही छात्राओं तथा खेलो में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विद्यालय की छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस विद्यालय में 1100 से अधिक छात्राएं शिक्षारत है। अपने सम्बोधन में दत्तात्रेय ने कहा कि वे 10 मिनट के लिए राज्यपाल नहीं बल्कि एक शिक्षक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की प्रेरणा से शुरू हुए इस विद्यालय से निकलने वाली हर लड़की कस्तूरबा जैसी बने। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी ने अपना कर्तव्य निभाया और उस समय समाज, विशेषकर महिलाओं को देश सेवा का रास्ता दिखाया, उन्हें प्रेरित किया। वे आजादी आन्दोलन में महात्मा गांधी के साथ जेल भी गई। दत्तात्रेय ने कहा कि आज उनके बीच उपस्थित पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक सामान्य परिवार से आकर देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे। इन्होंने उदाहरण पेश किया कि अपनी मेहनत से साधारण परिवार का व्यक्ति भी देश के सर्वोच्च पद को हासिल कर सकता है। दत्तात्रेय ने वार्षिक समारोह में उपस्थित छात्राओं से पूर्व राष्ट्रपति कोविंद को अपना आदर्श बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सुश्री स्वाति कोविंद भी निस्वार्थ भाव से इस विद्यालय के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि इस विद्यालय की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की सभी छात्राओं को विद्यालय की ओर से लैपटॉप वितरित किए गए है और कक्षा दूसरी से आठवीं तक की छात्राओं को टैबलेट भी दिए गए है। यहाँ पर बालिकाओं को कंप्यूटर की आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। श्री दत्तात्रेय ने छात्राओं से कहा कि वे उच्च शिक्षा हासिल करके अपनी संस्था ही नहीं अपितु अपने माता-पिता और देश का नाम ऊंचा करें। राज्यपाल ने छात्राओं को दो तोतों की कहानी सुना कर संदेश दिया कि हम जिस वातावरण में रहेंगे, वैसे ही बनेगें। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत की प्रशंसा करते हुए कहा कि गीत में कई महापुरूषों के नाम थे। वे डॉ0 भीमराव अम्बेडकर, महात्मा गांधी, सुभाष चन्द्र बोस जैसे महापुरूषों को तथा उनके देश के लिए दिए गऐ योगदान को याद रखे। दत्तात्रेय ने यह भी कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम शुरू करके महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए अत्यंत समर्पित भाव से काम कर रहे है। केन्द्र सरकार की इस योजना से बेटियों के प्रति समाज में नकारात्मकता कम हुई है और भविष्य को प्रगतिशील बनाने के लिए उनके कल्याण को योजनाएं क्रियान्वित करने की राह आसान हुई है। इससे पहले हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष शंकर कुमार सान्याल ने कोविंद तथा दत्तात्रेय का स्वागत करते हुए बताया कि इस विद्यालय की शुरुआत सन् 1944 में हुई थी। उन्होंने बताया कि देश में इस प्रकार के लगभग 300 विद्यालय चल रहे है। समारोह के अन्त में सुश्री स्वाति कोविंद ने सहयोग संस्था की तरफ से घोषणा की कि इस वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाली विद्यालय की छात्राओं को प्रत्येक को  50000 रुपये की राशि इनाम स्वरूप दी जाएगी, जिसे उन्होंने रामनाथ कोविंद छात्रवृति का नाम दिया। उन्होंने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

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