June 19, 2024

चार गुर्गों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े से हथियार , गोला-बारूद बरामद किए

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चंडीगढ़, आतंकवाद के विरुद्ध चल रही मुहिम के दौरान स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल (एसएसओसी) अमृतसर ने जर्मनी आधारित संचालक प्रभप्रीत सिंह सिद्धू को दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे से गिरफ़्तार करके आतंकवादी भर्ती करने, फंडिंग देने और सहायता करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहाँ डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। साल 2020 में, एसएसओसी अमृतसर में गुप्त सूचना मिली थी कि केजैडएफ आतंकी जगदीश सिंह भूरा पंजाब में कुछ नामवर शख्सियतों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है और इस काम को पूरा करने के लिए उसने अपने भारत आधारित साथियों को हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान की थी। पंजाब पुलिस ने तेज़ी से कार्यवाही करते हुए इस मॉड्यूल के चार गुर्गों को गिरफ़्तार करके इसका पर्दाफाश किया और उनके कब्ज़े से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए थे। इस संबंधी पुलिस द्वारा गैर-कानूनी गतिविधियों (निवारक) एक्ट (यूएपीए) की धाराएं 13, 17, 18, 18-बी और 20 और हथियार एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत 19.12.2020 को थाना स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल, अमृतसर में एफआईआर नं. 18 के अधीन मामला दर्ज किया गया था। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ़्तार किए गए मुलजिमों ने खुलासा किया था कि वह वांछित आतंकी जगदीश सिंह भूरा और उसके करीबी प्रभप्रीत सिंह के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गिरफ़्तार किए गए मुलजिमों ने यह भी खुलासा किया था कि वह नामवर शख्सीयतों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रभप्रीत जर्मनी में रह रहा था, इसलिए पंजाब पुलिस ने उसको इस केस में नामज़द करने के उपरांत उसको गिरफ़्तार करने के लिए ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन, नयी दिल्ली के द्वारा उसके खि़लाफ़ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करवा दिया था। डीजीपी ने कहा कि बुधवार को आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली के इमीग्रेशन अधिकारियों ने हमें प्रभप्रीत सिंह को हिरासत में लेने संबंधी सूचित किया। इसके उपरांत एसएसओसी अमृतसर की टीम दिल्ली पहुँची और दोषी को गिरफ़्तार कर लिया। इस संंबंधी और अधिक जानकारी देते हुए एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखमिन्दर सिंह मान ने बताया कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि दोषी प्रभप्रीत 2017 में वैध वीज़े पर पोलैंड गया था और 2020 में सडक़ के रास्ते से जर्मनी चला गया था और जर्मनी में स्थायी निवास हासिल करने के लिए उसने राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया था। एआईजी ने बताया कि जर्मनी में रहते हुए यह मुलजिम बेल्जियम स्थित केजैडएफ आतंकवादी जगदीश सिंह भूरा के संपर्क में आया और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। एआईजी ने आगे कहा कि दोषी लक्षित कत्ल की वारदातों और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने भारतीय साथी के लिए फंडिंग और हथियारों का प्रबंध करता था। उन्होंने कहा कि प्रभप्रीत के पूरे नेटवर्क और जिस मॉड्यूल के लिए वह काम कर रहा है, का पर्दाफाश करने के लिए और पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पुलिस टीमों ने मुलजिम प्रभप्रीत को अदालत में पेश करके 15 अप्रैल 2024 तक पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है।

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