राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल में परखी गई मंडी की आपदा प्रबंधन तैयारियां
नोटिफाइड इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम ने समयबद्ध तरीके से संचालित किया रेस्क्यू ऑपरेशन
मंडी, भूकंप, बादल फटने और जंगल की आग जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए आयोजित राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल के 10वें संस्करण के दौरान जिला मंडी में आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का सफल परीक्षण किया गया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी अपूर्व देवगण की देखरेख में नोटिफाइड इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम तथा विभिन्न विभागों ने समन्वित ढंग से राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया।
मॉक ड्रिल के तहत सुबह 9 बजे शिमला में 8 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसके प्रभाव से मंडी जिले में भी जान-माल के नुकसान तथा भवनों के क्षतिग्रस्त होने का परिदृश्य तैयार किया गया। इसके तहत क्षेत्रीय अस्पताल मंडी, सुंदरनगर स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय तथा करसोग महाविद्यालय में राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। विभिन्न एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए निर्धारित समय में रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
उपायुक्त अपूर्व देवगण सुबह 9:20 बजे जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) में स्थापित इंसिडेंट कंट्रोल सेंटर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि आपदा की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय हो गया था तथा इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम ने त्वरित और प्रभावी ढंग से कार्य किया।
मॉक ड्रिल के दौरान क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में मास कैजुअल्टी मैनेजमेंट (बहु-घायल प्रबंधन) व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। बड़ी संख्या में घायलों के अस्पताल पहुंचने की काल्पनिक स्थिति में प्राथमिक उपचार, रेफरल तथा आपात चिकित्सा सेवाओं की कार्यप्रणाली का आकलन किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, होमगार्ड तथा अग्निशमन विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के साथ भी बेहतर तालमेल स्थापित रहा। सभी रेस्क्यू टीमों को समय पर सक्रिय किया गया और मेडिकल रिस्पॉन्स भी प्रभावी रहा।
उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सैटेलाइट फोन का भी उपयोग किया गया। साथ ही भविष्य में संचार नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हैम रेडियो नेटवर्क के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
इस अवसर पर एडीएम एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी डॉ. मदन कुमार सहित नोटिफाइड इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
