मेरा राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं: दिलजीत दोसांझ
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का सिंगर ने दिया जवाब
नई दिल्ली, पंजाबी संगीत और फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या दिलजीत दोसांझ आने वाले समय में पंजाब की राजनीति का नया चेहरा बन सकते हैं।
दरअसल, उनकी बढ़ती लोकप्रियता, युवाओं के बीच उनकी मजबूत पहचान और समाज से जुड़े मुद्दों पर उनकी खुलकर राय रखने की वजह से लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं। अब इन सभी चर्चाओं के बीच दिलजीत दोसांझ ने अपनी चुप्पी तोड़ी और साफ किया कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है। दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की टाइमलाइन पर एक पंजाबी अखबार की खबर को फिर से शेयर किया। इस खबर में सवाल पूछा गया था कि क्या दिलजीत दोसांझ पंजाब का नया राजनीतिक चेहरा बन सकते हैं। खबर में उनकी बढ़ती लोकप्रियता और लोगों के बीच उनकी मजबूत इमेज का जिक्र किया गया। यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई और राय देने लगे कि अगर दिलजीत राजनीति में आते हैं तो वह पंजाब के लिए नई सोच ला सकते हैं।
दिलजीत दोसांझ ने इस पूरे मामले पर सीधा जवाब दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में पंजाबी में लिखा, कदे वी नहीं, यानी वह कभी राजनीति में नहीं आएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा- मेरा काम लोगों का एंटरटेनमेंट करना है और मैं अपने इसी काम में बहुत खुश हूं। आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। दरअसल, यह चर्चा उस समय ज्यादा बढ़ गई जब जागो पंजाब मंच नाम के एक समूह की अपील सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगी। यह अपील सीधे दिलजीत दोसांझ के नाम लिखी गई थी। इसमें पंजाब के लोगों से जागने, बदलाव लाने और उम्मीद बनाए रखने की बात कही गई।
इस अपील में पंजाब की हालत को लेकर कई गंभीर बातें कही गई थीं। इसमें लिखा गया- राज्य लगातार मुश्किलों का सामना कर रहा है और समाज में टूटन बढ़ती जा रही है। सांप्रदायिक तनाव जैसे खतरे बढ़ रहे हैं और अब इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। देश की सेवा करने वाले लोगों की सोच और जिम्मेदारी समाज को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। अपील के आखिर में इस ओर संकेत दिया गया कि दिलजीत दोसांझ ऐसे व्यक्ति हो सकते हैं जो लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरें। इसमें कहा गया कि समय अब जवाब मांग रहा है और पंजाब को ऐसे चेहरे की जरूरत है जो लोगों को जोड़ सके।
