अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देगी सरकार: भगवंत मान
चंडीगढ़, पंजाब सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी कर राज्य लौटने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की नीति तैयार करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित कर दी। चंडीगढ़ में मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने को सिद्धांततः मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि नीति का ढांचा तय समय सीमा में तैयार किया जाये, ताकि प्रशिक्षित, अनुशासित और कुशल युवा पंजाब के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर देश सेवा कर लौटते हैं, इसलिए उनके पुनर्वास के लिए व्यापक नीति बनाना जरूरी है, ताकि उनकी योग्यता और अनुभव का सही उपयोग राज्य के विकास में किया जा सके। सरकार द्वारा गठित कमेटी में वरिष्ठ अधिकारी विकास प्रताप, भावना गर्ग, सुमेर सिंह गुर्जर और एस एस श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। यह कमेटी विभिन्न विभागों में अग्निवीरों की भर्ती और आरक्षण के तौर-तरीकों पर सिफारिशें देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों की सेवाओं का उपयोग पंजाब पुलिस, वन विभाग, फायर सर्विसेज, जेल विभाग, होम गार्ड्स, पेस्को समेत कई सरकारी विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में अग्रणी रहा है। पंजाब को देश का अन्न भंडार होने के साथ-साथ ‘देश की तलवार भुजा’ के रूप में भी जाना जाता है। यहां के युवाओं में साहस, जज़्बा और बलिदान की गौरवशाली परंपरा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही शहीद सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नई पहल अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करेगी और उनके परिवारों को मजबूती देगी।
