July 14, 2024

श्रद्धालुओं ने लिया राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद

गगरेट /सुखविंदर/7 अप्रैल/ टकोली गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का आज समापन हो गया। जिसमें राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज जी भी वहां पहुंचे और भक्तों को आशीर्वाद दिया। कथा व्यास गणेश दत शास्त्री जी ने भागवत कथा के समापन दिवस पर कृष्ण सुदामा चरित्र का रसपान करवाया। व्यास जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता केवल मित्रवत व्यवहार तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह इस रिश्ते की गहराई को समस्त संसार के सामने रखती है। उन्होंने कहा कि किस प्रकार से इस रिश्ते में मात्र तीन मुठ्ठी चावल के बदले में भगवान श्री कृष्ण सुदामा को तीनों लोकों का राज देने को तैयार हो जाते हैं। व्यास जी ने बताया कि यह दर्शाता है कि भक्ति के वश में होकर परमात्मा अपने भक्त को इस समस्त संसार का वैभव देने से भी पीछे नहीं हटते हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सुदामा का अपने मित्र के सामने अपनी व्यथा को न रखना दर्शाता है कि भक्त को अपने प्रभु पर पूरा विश्वास होता है कि उसके परमात्मा अपने आप उसके कष्टों को जानते है और उसे दूर करने के लिए समय आने पर मार्ग को प्रशस्त करते हैं।इस मौके पर राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने प्रवचन वर्षा करते हुए कहा कि श्री मद्भागवत कथा ही मनुष्य को इस दुःखी संसार व अंधकारमयी जीवन से मुक्ति दिलाती है। इसलिए श्री मद्भागवत कथा का श्रवण बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि भक्त को अपनी भक्ति व भगवान पर पूरा विश्वास रखना चाहिए।बाल जी महाराज ने कहा कि यदि हम भगवान का सिमरन करेंगे तो काम क्रोध मोह लोभ रूपी अवगुणों का नाश भगवान स्वयं करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान को जो भी पुकारता है, भगवान उसकी ओर दौड़े चले आते हैं। उन्होंने कहा कि जहां भागवत कथा होती है वहां स्वयं श्री कृष्ण वास हो जाता है।हमारा जीवन तभी सफल है जब हमारे जीवन में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हो। उन्होंने कहा कि जब जब पृथ्वी पर पाप का भार अधिक हो जाता है तो भगवान को अवतार लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देना चाहिए और बच्चों को भी अपने साथ कथा में लेकर आना चाहिए। इसके बाद भक्तों ने बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया।

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