July 11, 2026

भारत में अब केवल ई20 पेट्रोल ही मिलेगा, सरकार ने वजहें

नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने देशभर में प्योर पेट्रोल, ई10 और ई20 पेट्रोल की एक साथ बिक्री की संभावना से इनकार कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में ई20 पेट्रोल ही मानक (स्टैंडर्ड) ईंधन के रूप में जारी रहेगा और फिलहाल अलग-अलग ग्रेड के पेट्रोल की समानांतर आपूर्ति की कोई योजना नहीं है।

10 जुलाई को जारी एक आधिकारिक नोट में मंत्रालय ने कहा कि देश में तीन अलग-अलग प्रकार के पेट्रोल की आपूर्ति व्यवस्था लागू करना आर्थिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से व्यावहारिक नहीं है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत का ईंधन वितरण नेटवर्क एक लाख से अधिक रिटेल आउटलेट, रिफाइनरियों, टर्मिनलों, डिपो, पाइपलाइन और भंडारण सुविधाओं से जुड़ा हुआ है। यदि प्योर पेट्रोल, ई10 और ई20 की अलग-अलग आपूर्ति करनी पड़े तो प्रत्येक स्तर पर अलग स्टोरेज, इन्वेंट्री प्रबंधन और वितरण व्यवस्था विकसित करनी होगी। इससे परिचालन लागत बढ़ेगी और पूरी सप्लाई चेन की कार्यकुशलता प्रभावित होगी।

प्रीमियम पेट्रोल से नहीं की जा सकती तुलना
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ई20 की तुलना प्रीमियम पेट्रोल से नहीं की जा सकती। मंत्रालय के मुताबिक, प्रीमियम पेट्रोल सीमित मात्रा में बिकने वाला विशेष उत्पाद है, जिसके लिए अलग राष्ट्रीय वितरण प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

मंत्रालय ने कहा कि देश में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए डिस्टिलरी, भंडारण सुविधाओं और परिवहन ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। यदि दोबारा ई10 को मानक ईंधन बनाया जाता है तो एथेनॉल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो सकेगा, जिससे किसानों, सहकारी संस्थाओं और निवेशकों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

पुरानी गाड़ियों को लेकर सरकार का पक्ष
सरकार ने स्वीकार किया कि कुछ पुराने वाहनों के मालिकों ने ई20 पेट्रोल को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि उनकी गाड़ियां मूल रूप से ई10 ईंधन के अनुरूप प्रमाणित थीं। मंत्रालय के अनुसार, ई20 लागू करने से पहले वाहन निर्माताओं, ऑटो पार्ट्स कंपनियों, परीक्षण एजेंसियों और अनुसंधान संस्थानों से व्यापक परामर्श किया गया था। इस दौरान इंजन की कार्यक्षमता, ईंधन प्रणाली, सामग्री की अनुकूलता, टिकाऊपन, उत्सर्जन और माइलेज जैसे सभी तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया गया।

अपने फैसले के समर्थन में मंत्रालय ने मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प के फील्ड डेटा का भी उल्लेख किया है। मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मारुति सुजुकी ने करीब 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें लगभग 1.5 करोड़ ऐसे वाहन भी शामिल थे जो मूल रूप से ई20 ईंधन के लिए प्रमाणित नहीं थे। इसके बावजूद कंपनी को ई20 के उपयोग से जंग लगने, पुर्जों के असामान्य घिसाव या वाहन की उम्र पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी कोई व्यापक शिकायत नहीं मिली। हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने फील्ड अनुभव में इसी तरह के निष्कर्ष सामने आने की जानकारी दी है। सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल को बढ़ावा देने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।

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