August 1, 2026

मेडिकल छात्र के पास से मिला बम बनाने का फॉर्मूला,

अयोध्या, धर्मनगरी अयोध्या से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस और तमाम खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यहां के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले पैरामेडिकल छात्र की एक छोटी सी चूक ने उसके खतरनाक मंसूबों का पर्दाफाश कर दिया है। छात्र के पास से एक ऐसी संदिग्ध पर्ची और लैपटॉप में कुछ ऐसे नोट्स बरामद हुए हैं, जिनमें बम बनाने के तरीके और उसकी तीव्रता से जुड़ी खौफनाक जानकारियां लिखी हुई थीं। इस बड़े खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से हाई अलर्ट पर आ गई हैं और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अयोध्या के एक मेडिकल कॉलेज का है। यहां बलरामपुर जिले का मूल निवासी सरफराज नाम का एक छात्र लैब टेक्नीशियन (पैरामेडिकल) के प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि रात के समय मेडिकल कॉलेज की लैब में उसकी ड्यूटी लगाई गई थी। सुबह जब शिफ्ट खत्म होने के बाद अन्य कर्मचारी और स्टाफ अपनी ड्यूटी के लिए लैब पहुंचे, तो उन्हें वहां एक बेहद संदिग्ध पर्ची पड़ी हुई मिली। इस पर्ची को पढ़ते ही कर्मचारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उसमें बम बनाने के तरीके, उसके आकार और प्रभाव से संबंधित संवेदनशील बातें लिखी हुई थीं। बिना कोई देरी किए तुरंत कॉलेज प्रशासन को इसकी भनक दी गई। प्राथमिक पड़ताल में ही यह साफ हो गया कि रात में ड्यूटी पर सरफराज था और यह पर्ची उसी से गलती से वहां छूट गई थी।

कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और उसने सरफराज के डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने जब आरोपी छात्र के लैपटॉप की बारीकी से जांच की, तो उसके अंदर से भी ऐसे कई संदिग्ध नोट्स और आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं, जिसने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। इन डिजिटल नोट्स में भी कथित तौर पर बम बनाने की आधुनिक तकनीक, उसके घातक प्रभाव और विस्फोट की तीव्रता से जुड़ी जानकारियां बड़े ही विस्तार से दर्ज की गई थीं। लैपटॉप से मिले इन सबूतों ने इस पूरे मामले को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है

अयोध्या जैसे अति संवेदनशील शहर में बम बनाने के फॉर्मूले के साथ एक मेडिकल छात्र का पकड़ा जाना सुरक्षा के लिहाज से बहुत बड़ी घटना है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आरोपी सरफराज को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की विशेष टीमें उसे किसी अज्ञात और गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बम बनाने की इस जानकारी को जुटाने के पीछे उसका असल मकसद क्या था और कहीं उसके तार किसी बड़े नेटवर्क या स्लीपर सेल से तो नहीं जुड़े हुए हैं।

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