September 11, 2026

नदी के समीप जाकर जान जोखिम में न डालें

डीसी ने जारी किया आदेश

वर्षा ऋतु के आगमन के साथ जिला में नदियों का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है। नदियों में जलस्तर में हो रही बढोतरी के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति विशेषकर सैलानी नदी के समीप न जाएं और न ही नदी में उतरने का जानलेवा साहस करें। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि प्रशासन को सूचना मिल रही कि पर्यटक नदी-नालों के करीब सैल्फी व फ़ोटो लेते देखे गये है। इस प्रकार का प्रयास जानलेवा सावित हो सकते है। उन्होंने होटल मालिकों, टैक्सी चालकों तथा आम लोगों से आग्रह किया है कि वे बाहरी प्रदेशों से आए पर्यटकों को नदी-नालों के खतरों के प्रति सचेत करें तथा नदी नालों के समीप बैठने की व्यवस्था को बंद करें। आशुतोष गर्ग ने कहा कि बारम्बार चेतावनी जारी करने के बावजूद सैलानी अति उत्साह में नदी के समीप चले जाते हैं और उन्हें यह एहसास नहीं है कि पहाड़ों में नदी का जलस्तर अक्समात बढ़ जाता है जो जीवन के लिये खतरा बन सकता है। नदी नाले इन दिनों उफान पर हैं और ऐसे में नदी से 10 फुट की दूरी बनाकर रखें ताकि अचानक बहाव आने पर अपनी जान बचाई जा सके। उपायुक्त ने कहा कि मनीकरर्ण घाटी में पार्वती नदी उफान पर है और बड़ी संख्या में युवा सैलानी जो मनीकर्ण व कसोल घूमने के लिये आ रहे हैं, नदी के किनारे जाने से बचें। नदी का तेज बहाव थोड़ी सी भूल के कारण जानलेवा बन जाता है। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग करते समय कोई भी सैलानी नदी की लहरों के साथ अटखेलियां करने की कोशिश न करें। उन्होंने राफ्ट संचालकों को भी निर्देश दिये हैं कि वे किसी भी पर्यटक को वर्षा ऋतु के आगमन के साथ जिला में नदियों का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है। नदियों में जलस्तर में हो रही बढोतरी के दृष्टिगत कोई भी व्यक्ति विशेषकर सैलानी नदी के समीप न जाएं और न ही नदी में उतरने का जानलेवा साहस करें। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि प्रशासन को सूचना मिल रही कि पर्यटक नदी-नालों के करीब सैल्फी व फ़ोटो लेते देखे गये है। इस प्रकार का प्रयास जानलेवा सावित हो सकते है। उन्होंने होटल मालिकों, टैक्सी चालकों तथा आम लोगों से आग्रह किया है कि वे बाहरी प्रदेशों से आए पर्यटकों को नदी-नालों के खतरों के प्रति सचेत करें तथा नदी नालों के समीप बैठने की व्यवस्था को बंद करें। आशुतोष गर्ग ने कहा कि बारम्बार चेतावनी जारी करने के बावजूद सैलानी अति उत्साह में नदी के समीप चले जाते हैं और उन्हें यह एहसास नहीं है कि पहाड़ों में नदी का जलस्तर अक्समात बढ़ जाता है जो जीवन के लिये खतरा बन सकता है। नदी नाले इन दिनों उफान पर हैं और ऐसे में नदी से 10 फुट की दूरी बनाकर रखें ताकि अचानक बहाव आने पर अपनी जान बचाई जा सके। उपायुक्त ने कहा कि मनीकरर्ण घाटी में पार्वती नदी उफान पर है और बड़ी संख्या में युवा सैलानी जो मनीकर्ण व कसोल घूमने के लिये आ रहे हैं, नदी के किनारे जाने से बचें। नदी का तेज बहाव थोड़ी सी भूल के कारण जानलेवा बन जाता है। उन्होंने कहा कि राफ्टिंग करते समय कोई भी सैलानी नदी की लहरों के साथ अटखेलियां करने की कोशिश न करें। उन्होंने राफ्ट संचालकों को भी निर्देश दिये हैं कि वे किसी भी पर्यटक को राफ्टििंग के दौरान राफ्ट में लटकने की इजाजत विल्कुल न दें। ऐसा करने पर कारवाई की जाएगी। इसके साथ ही बंजार की तीर्थन तथा अन्य नालों के किनारों से भी दूर रहें। इन आदेशों की अवहेलना करने पर पुलिस अधिनियम के तहत 8 दिन के कारावास, सहित एक हजार से 5000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही बंजार की तीर्थन तथा अन्य नालों के किनारों से भी दूर रहें। इन आदेशों की अवहेलना करने पर पुलिस अधिनियम के तहत 8 दिन के कारावास, सहित एक हजार से 5000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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