सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
पारदर्शी वितरण व्यवस्था पर जोर, 1.45 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक लाभान्वित
रजनी,ऊना, अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला ऊना में उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही खाद्य वस्तुओं के वितरण, पारदर्शिता तथा विभागीय निरीक्षणों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
एडीसी इशांत जसवाल ने कहा कि जिला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को नियमित एवं पारदर्शी तरीके से आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को निर्धारित मात्रा में समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो तथा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता लगातार बनी रहे।
उन्होंने बताया कि जिला में 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 1,45,944 राशन कार्ड धारकों को लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें एपीएल श्रेणी के 3,04,998, बीपीएल के 72,095, अंत्योदय अन्न योजना के 37,449 तथा प्राथमिक गृहस्थियों के 1,26,533 उपभोक्ता शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून 2026 की अवधि के दौरान जिला में 43,282 क्विंटल आटा, 29,480 क्विंटल चावल, 13,025 क्विंटल चीनी, 1,720 क्विंटल नमक, 5,322 क्विंटल चना दाल, 2,331 क्विंटल मल्का दाल, 3,585 क्विंटल उड़द दाल, 6,62,598 लीटर सरसों का तेल तथा 22,810 लीटर रिफाइंड ऑयल का वितरण किया गया।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून 2026 के दौरान खाद्य आपूर्ति विभाग ने 1,533 निरीक्षण किए। विभिन्न विभागीय आदेशों के तहत की गई कार्रवाई के माध्यम से 3,69,404 रुपये की राशि सरकारी कोष में जमा करवाई गई।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश व्यापार लेख आदेश, 1981 के अंतर्गत 34 निरीक्षण किए गए तथा अनियमितता पाए जाने पर एक मामले में कार्रवाई करते हुए 4,424 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पॉलीथीन के उपयोग पर 182 दुकानदारों एवं व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 4,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
द्रवित पेट्रोलियम गैस अधिनियम के अंतर्गत 44 निरीक्षण किए गए तथा 9 मामलों में कार्रवाई करते हुए 28,000 रुपये का जुर्माना किया गया। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश ब्रिक्स (कंट्रोल) ऑर्डर, 1970 के तहत 21 ईंट भट्ठों का निरीक्षण किया गया और दो मामलों में कार्रवाई करते हुए 21,597 रुपये का जुर्माना लगाया गया और दो मामलों में कार्रवाई करते हुए 21,597 रुपये का जुर्माना लगाया गया। आवश्यक वस्तु वितरण विनियमन के अंतर्गत 715 निरीक्षण किए गए तथा एक मामले में कार्रवाई करते हुए 8,000 रुपये का जुर्माना किया गया।
श्री जसवाल ने अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण तथा सतत निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष पवन कुमार, जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राजीव शर्मा, जिला ऑडिट अधिकारी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
