बंगाल में नई सरकार की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू
आयोग ने राज्यपाल को सौंपी 293 विजयी उम्मीदवारों की सूची
कोलकाता, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता स्थित लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद नई विधानसभा के गठन और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसी अधिसूचना के आधार पर नई विधानसभा का गठन किया जाता है और पुरानी विधानसभा का कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाता है। इसके बाद राज्यपाल के कार्यालय द्वारा आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं, जिसमें शपथ ग्रहण समारोह शामिल होता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका केवल चुनाव कराना और परिणाम घोषित करने तक सीमित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे या सरकार गठन से आयोग का कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार, एक वैधानिक अधिसूचना चुनाव आयोग द्वारा जारी की जाती है, जिसे राज्यपाल को सौंपा जाता है। इसमें यह बताया जाता है कि कौन उम्मीदवार किस सीट से विजयी हुआ है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्य में फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान कराया जाएगा, जिसके लिए 21 मई की तारीख तय की गई है। इसके अलावा बाकी 293 विजयी उम्मीदवारों की सूची राज्यपाल को सौंप दी गई है, ताकि नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार किए जाने के सवाल पर मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह पूरी तरह संवैधानिक और राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें चुनाव आयोग की कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति के बीच का मामला है। आयोग इस पर कोई टिप्पणी नहीं करता।
वहीं, लोकभवन में हुई इस मुलाकात के बाद राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर प्रक्रियाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में शपथ ग्रहण और नई विधानसभा के गठन की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। राज्य में राजनीतिक दलों के बीच भी आगे की रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है।
