April 16, 2026

महिलाओं को संसद में अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए: मनीष सिसोदिया

चंडीगढ़, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश की आधी आबादी को संसद में अधिकारपूर्वक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। किसी एक जेंडर का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर जो सीटों के स्ट्रक्चर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, वो भारत के डेमोग्राफी के हिसाब से गलत है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग जहां से चुनाव नहीं जीत पाते हैं, वहां वोट कटवा देते हैं। दूसरा, ये जिस जगह से चुनाव नहीं जीत पाते वहां सीटें कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन का इनका तरीका बहुत गलत है। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि जहां भाजपा को कम वोट मिलते हैं, परिसीमन के जरिए सीटों का वहां से हिस्सा कम करना चाहते हैं। ये लोकतंत्र को, चुनाव को लूटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल ठीक है, लेकिन संविधान विरोधी काम ठीक नहीं है।
कांग्रेस नेता और मीडिया प्रभारी डॉली शर्मा ने कहा कि हमने कभी भी महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया है। जिस पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व महिलाओं के हाथों में रहा है, और जिसने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी, वह भला ऐसे किसी कदम का विरोध कैसे कर सकती है। हम महिला सशक्तीकरण का जीता-जागता सबूत हैं और कांग्रेस को इसके खिलाफ के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। हमने हमेशा इसका समर्थन किया है, 30 महीने पहले भी और हम आज भी इसका समर्थन कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने कहा कि सरकार महिलाओं को गुमराह कर रही है। महिला आरक्षण विधेयक पहले ही पारित हो चुका है लेकिन इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ा जा रहा है। जैसा कि आप जानते हैं, दक्षिणी राज्यों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

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