September 19, 2026

अमेरिका-ब्राजील संबंधों में बढ़ी तल्खी, चुनावी हस्तक्षेप पर लूला ने दी चेतावनी

बोले- ट्रंप ब्राजील को अच्छी तरह नहीं जानते

ब्रासीलिया, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद भले ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होता नजर आ रहा हो, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने ट्रंप को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अक्टूबर में होने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी से दूर रहें।

लूला की यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ब्राजील में अपने सहयोगी और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो तथा उनके परिवार के खिलाफ चल रही न्यायिक कार्रवाइयों की आलोचना की थी। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी अमेरिका और ब्राजील के संबंधों में बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रही है। हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही ब्राजील के दो बड़े ड्रग तस्करी गिरोहों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने का फैसला भी किया, जिसका राष्ट्रपति लूला ने खुलकर विरोध किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ब्राजील राजनीतिक रूप से खतरनाक होता जा रहा है और वहां की सरकार बोल्सोनारो परिवार को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे।

यह बयान उस समय आया जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो को उनके पिता से जुड़े कथित तख्तापलट मामले में दबाव बनाने और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का दोषी ठहराते हुए चार साल और दो महीने की जेल की सजा सुनाई। जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित एक प्रेस वार्ता में ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लूला ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ब्राजील को अच्छी तरह नहीं जानते।

उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप केवल बोल्सोनारो परिवार के जरिए ब्राजील को समझते हैं, तो वे वास्तव में ब्राजील को नहीं जानते। वे बोल्सोनारो परिवार को पसंद कर सकते हैं, यह उनका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन ब्राजील के चुनावों में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रपति लूला ने जोर देकर कहा कि ब्राजील का चुनाव पूरी तरह देश का आंतरिक मामला है और किसी भी विदेशी शक्ति को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि एडुआर्डो और फ्लेवियो बोल्सोनारो ने हाल ही में वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिनमें राष्ट्रपति ट्रंप भी शामिल थे। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील के प्रमुख आपराधिक संगठनों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया और ब्राजील से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी रखा। इन घटनाक्रमों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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