महाकाल मंदिर में चढ़ावे चढ़ावे ने तोड़ा रिकॉर्ड, सोने-चांदी का लगा अंबार
जानें इस साल कितना दान मिला
उज्जैन, देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में मंदिर को 142 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 27 करोड़ रुपये अधिक है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह आंकड़ा नकद और ऑनलाइन दान का है। इसमें श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों तथा अन्य कीमती वस्तुओं का मूल्य शामिल नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन, ऑफलाइन और गुप्त दान को मिलाकर मंदिर को लगभग 80 करोड़ रुपये का दान मिला। इनमें से करीब 78 करोड़ रुपये दान पेटियों से प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि श्रद्धालुओं ने काउंटर पर जमा कर रसीद के साथ दान की है।
मंदिर को गुप्त दान के रूप में साढ़े चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई, जबकि मनी ऑर्डर के माध्यम से 1.23 लाख रुपये का योगदान मिला। इसके अतिरिक्त बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषण भी मंदिर को दान किए गए हैं, जिनका मूल्य करोड़ों रुपये आंका जा रहा है।
महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने बताया कि चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से की जाती है। गिनती के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाती है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती आय के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और मंदिर परिसर के विकास पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। महाकाल लोक परियोजना के निर्माण के बाद मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही दान राशि में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता के कारण महाकाल मंदिर की आय में लगातार इजाफा हो रहा है।
