अब विप्रो की महिला कर्मचारी ने लगाए मतांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप
पुणे में नासिक टीसीएस जैसा कांड
पुणे, आईटी कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव तथा कथित तौर पर दबाव बनाकर इस्तीफा दिलाने के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस संबंध में हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पिछले दस महीनों के दौरान उन्हें लगातार उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि परिस्थितियां ऐसी बना दी गईं कि उन्हें अपनी मांगों से समझौता करने या नौकरी छोड़ने के बीच चुनाव करना पड़ा।
महिला ने कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिकायतें किए जाने के बावजूद उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया और मामलों को उचित तरीके से नहीं निपटाया गया।
शिकायत में महिला ने एक सहकर्मी और एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए उन पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, एक सहकर्मी ने नौकरी के पहले दिन से ही उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें वरिष्ठ अधिकारी के साथ निजी संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया गया और करियर में लाभ दिलाने के नाम पर अनुचित सुझाव दिए गए।
महिला ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि 24 अप्रैल 2026 को उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद कंपनी से दोबारा संपर्क कर बर्खास्तगी का स्पष्ट कारण बताने की मांग की थी। उनका दावा है कि उनकी सेवा समाप्ति गैरकानूनी थी और उन्हें पुनः नौकरी पर बहाल किया जाना चाहिए।
महिला ने अपनी व्यक्तिगत मांगों के अलावा निजी क्षेत्र की कंपनियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत और स्वतंत्र संस्थागत तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। कंपनी और आरोपित पक्षों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
