July 27, 2026

ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में भारत 125वें स्थान पर खिसका; सिर्फ 26 देशों में वीजा-फ्री या आसान एंट्री

नई दिल्ली, ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। भारत एक पायदान फिसलकर 125वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष मामूली सुधार के बावजूद भारत शीर्ष 100 देशों में जगह नहीं बना सका था। 2021 और 2023 में 127वें स्थान पर रहने के बाद 2025 में भारत 124वें स्थान पर पहुंचा था, लेकिन इस बार फिर उसकी रैंकिंग नीचे आ गई है।

इंडेक्स के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को केवल 26 देशों में वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल या आसान प्रवेश की सुविधा मिलती है। इनमें भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस जैसे देश शामिल हैं।

वहीं, भारतीय नागरिकों को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात समेत करीब 88 देशों की यात्रा के लिए पहले से वीजा लेना पड़ता है। रैंकिंग की बात करें तो भारतीय पासपोर्ट नामीबिया, फिलीपींस, मोरक्को और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से पीछे है, जबकि अजरबैजान और किर्गिस्तान से आगे है।

पड़ोसी देशों में चीन 104वें स्थान के साथ भारत से बेहतर स्थिति में है। हालांकि, दक्षिण एशिया के कई अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। इस सूची में नेपाल 164वें, बांग्लादेश 166वें और पाकिस्तान 188वें स्थान पर हैं, जो सबसे निचले देशों में शामिल है।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की शीर्ष 10 रैंकिंग में अधिकांश स्थान यूरोपीय देशों के पास हैं, जो वैश्विक यात्रा सुविधा के मामले में यूरोप की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका और फ्रांस संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर रहे और शीर्ष 10 में जगह बनाने से चूक गए, जबकि कनाडा 13वें स्थान पर है। इससे स्पष्ट होता है कि दुनिया के सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली पासपोर्ट की दौड़ में फिलहाल यूरोपीय देशों का दबदबा कायम है।

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