पंजाब बंद का दिखा असर, कई बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही
चंडीगढ़ , ‘बंदी सिखों’ की रिहाई की मांग को लेकर बुलाए गए पंजाब बंद का असर पूरे राज्य में दिखा और अमृतसर में बाजार पूरी तरह बंद रहे। किसान संगठनों, मजदूर यूनियनों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं और कई राजनीतिक दलों ने इस बंद का समर्थन किया। बंद दोपहर 2 बजे तक रहेगा। कौमी इंसाफ मोर्चा और सिख धार्मिक व राजनीतिक संगठनों के बुलाए पंजाब बंद का असर अमृतसर में दिखा। कई बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम देखी गई। इस बंद मकसद जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल की मांग करना भी है। हवारा 1995 में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अमृतसर एडीसीपी गुरदेव सिंह सहोटा ने कहा, “सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर तीन जोन में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। मेडिकल और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हमारी गाइडलाइंस साफ हैं। हमें शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है और कोई हिंसक स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।”
हवारा कमिटी के प्रेसिडेंट बरजिंदर सिंह ने कहा, “आज का पंजाब बंद पूरी तरह सफल रहा है। हम अभी अमृतसर के मुख्य बाजार, हॉल बाजार में खड़े हैं। पूरा बाजार बंद है। सभी शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी और कॉलेज बंद हैं। बैंक, कोर्ट और अन्य संस्थान भी बंद हैं।”
मोहाली में ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ के सदस्यों ने एयरपोर्ट-केएफसी रोड, रोपड़-मोहाली रोड और दूसरे मुख्य रास्तों को ब्लॉक करने के लिए ट्रक खड़े कर दिए। जिसकी वजह से मोहाली एयरपोर्ट रोड और सनी एन्क्लेव चौक पर ट्रैफिक जाम लग गया।
कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य सरबजीत सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कौमी इंसाफ मोर्चा ‘बंदी सिखों’ की रिहाई के लिए लगभग साढ़े तीन साल से विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। मोर्चे के आह्वान पर आज पंजाब पूरी तरह बंद है। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहेगा। यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। हालांकि, कभी-कभी हमें कुछ कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं क्योंकि, जैसा कि आप जानते हैं, ऐसी स्थितियों में कभी-कभी ऐसे कदम जरूरी होते हैं।”
इसी तरह मानसा जिले के अकालिया गांव में बरनाला-मानसा रोड पर जाम लगाने की खबर है। राज्यव्यापी बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जगतार सिंह हवारा समेत सिख कैदियों की रिहाई की मांग की। अबोहर में सिख और किसान संगठनों के सदस्यों ने ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ के पंजाब बंद के आह्वान पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की।
