प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री मोदी लोगों के बीच पहुंचे, बताए योगासन के सही तरीके
कोलकाता, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस दौरान हजारों लोगों ने उनके साथ योगाभ्यास किया। प्रधानमंत्री ने न केवल विभिन्न योगासन किए, बल्कि प्रतिभागियों के बीच पहुंचकर उन्हें सही तरीके से योग करने के लिए मार्गदर्शन भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का भी आधार है। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योगाभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री कुछ प्रतिभागियों के पास पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारने में मदद की। उन्होंने विभिन्न आसनों को सही तरीके से करने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए। कार्यक्रम का यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री लोगों के बीच जाकर उनका पोस्चर ठीक करते नजर आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कार्यक्रम की तस्वीरें और संदेश साझा करते हुए लिखा कि कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित योग दिवस समारोह में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि योग आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन और सामूहिक कल्याण का संदेश दे रहा है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग रही, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए प्रेरित करना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 21 जून की तिथि चुने जाने के पीछे का महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि 21 जून उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है और भारतीय परंपरा में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इसी कारण संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस तिथि को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी गई।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिमालयी क्षेत्रों से लेकर समुद्री तटों तक, विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों में लाखों लोगों ने योग सत्रों में भाग लिया। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और लोकप्रियता को दर्शाया।
