पंजाब में ईडी के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: भगवंत मान
चंडीगढ़, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि पिछले तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ई.डी.) के छापों से भाजपा, पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि 117 उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाने वाली पार्टी जनता का समर्थन हासिल करने की बजाय डर फैलाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विरोधी सरकारों को रोके गए फंडों, राज्यपालों, ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के माध्यम से तंग किया जा रहा है, जबकि भाजपा में शामिल होने वाले नेता इसकी ‘वॉशिंग मशीन’ से साफ निकलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ नहीं डरेगी, पंजाबी अपनी गर्दन कटा सकते हैं लेकिन डर के आगे कभी नहीं झुकेंगे। उन्होंने भाजपा को छापों और दबाव की चालों पर भरोसा करने की बजाय लोगों के बीच काम करके 2027 की तैयारी करने की सलाह दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे देश को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यहां लोग अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं। यह केंद्र सरकार का फर्ज है कि वह हर राज्य को राजनीति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर उसका हक दे, लेकिन पिछले कुछ समय से हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र का धीरे-धीरे गला घोंटा जा रहा है। सारी गैर-भाजपा सरकारों को या तो सीधे केंद्र के फंड रोके जा रहे हैं या राज्यपालों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है।”
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप को खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जो बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह सिर्फ दस सालों में राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। भाजपा सोचती है कि वह कांग्रेस से सुलझ सकती है और वह कई बार कांग्रेस से हाथ भी मिला चुकी है, लेकिन वह नहीं चाहती कि कोई तीसरी ताकत उभरे।”
उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया के तहत उन्होंने दिल्ली में हमारे नेताओं के खिलाफ झूठे ई.डी. केस दर्ज किए, जैसे शराब घोटाले के मामले में केस दर्ज करके हमारे सीनियर नेताओं को जेल भेज दिया गया। उस समय के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ जेल भेज दिया गया। हमारे राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को जेल भेज दिया गया। जिस किसी ने भी काम करके दिखाया, चाहे वह वर्कर हो या नीति-निर्माता, सबको जेल भेज दिया गया, धमकियां दी गईं, डराया गया और भाजपा में शामिल होने या नतीजे भुगतने का डर दिखाया गया। डराने और धमकाने की यह राजनीति जारी है।”
देश भर में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाते हुए उन्होंने कहा, “बंगाल में डी.जी.पी. से लेकर अधिकारियों तक को बदल दिया गया है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं। वे लोगों के माध्यम से चुनाव नहीं जीतते। वे ई.डी., सी.बी.आई., चुनाव आयोग और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य विभागों के माध्यम से चुनाव जीतते हैं। कुछ दिन पहले ई.डी. ने आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर छापा मारा, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाते हैं, जहां लगभग चार हजार छात्र पढ़ते हैं। 35 से अधिक देशों के छात्र वहां पढ़ने आते हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य होने के कारण अचानक दागी हो गए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ई.डी. की छापेमारी चल रही है। उन्होंने लुधियाना उपचुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराया था। इसलिए आज वे भी भाजपा के अनुसार दागी हो गए हैं। इसका मतलब है कि भाजपा ने 2027 की विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। ई.डी. भेजो, आयकर भेजो, नोटिस भेजो, डर पैदा करो क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 117 नेता भी नहीं मिल रहे। भाजपा को 117 उम्मीदवार नहीं मिल रहे, इसलिए वे कह रहे हैं कि या तो डर-डर कर चुनाव लड़ो या हमारी ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर निकलो।”
उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत ही खतरनाक रुझान है। लोकतंत्र का कत्ल किया जा रहा है। हम इसकी सख्त निंदा करते हैं। सिर्फ गैर-भाजपा सरकारों को ही तंग किया जा रहा है। सिर्फ विपक्षी नेताओं को ई.डी. की लाठी का सामना करना पड़ता है और इसमें से कुछ भी नहीं निकलता। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ इतना झूठा केस दर्ज किया गया था, जिसमें अदालत ने माना कि केस चलाने लायक नहीं है। लेकिन वे कहते हैं कि पहले इन्हें जेल में डालो, चुनाव होने दो, फिर देखेंगे।”
राजनीतिक हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर कोई उनके आगे झुकता है और उनकी शर्तें स्वीकार करता है तो वह ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर बाहर आ जाता है। उसके सारे दाग गायब हो जाते हैं। क्या यह लोकतंत्र है? यह खुल्लमखुल्ला तानाशाही है।”
भाजपा की बिहार लीडरशिप के बारे में उन्होंने कहा, “उन्होंने अब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया है। उनके खिलाफ सात हत्याओं के मामले दर्ज हैं। वे जेल जा चुके हैं। उन्होंने गलत उम्र लिखवाई और तीन बार अपनी जन्मतिथि बदली। ये वे लोग हैं जो ‘जंगल राज’ की बातें करते रहते थे, लेकिन अब बिहार में कैसा राज आ गया है? अब यह भाजपा के नेतृत्व वाला जंगल अच्छा है, जैसा उनका विज्ञापन कहता है कि ‘दाग अच्छे हैं’। इसलिए भाजपा द्वारा दिए गए दाग अच्छे माने जाते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और राजनीतिक असुरक्षा के कारण विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी छापों या धमकियों से नहीं डरेगी और कोई भी दबाव ‘आप’ के इरादे को नहीं हिला सकता। वे हमें जितना मर्जी परेशान करें। उन्हें ई.डी., सी.बी.आई. या उनके पास जो भी एजेंसियां हैं, भेजने दें, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
पंजाब में भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी राज्य में कोई असली आधार बनाने में नाकाम रही है। अब भाजपा जोर-जबरदस्ती और दल-बदल के माध्यम से विस्तार करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब में उन्हें एक या दो विधानसभा सीटें मिलती हैं। इस संख्या को बढ़ाने के लिए वे अब ई.डी. का सहारा ले रहे हैं। भाजपा का पंजाब में कोई कैडर नहीं है, कोई नेता नहीं है। इसलिए जहां भी उन्हें कांग्रेस या अकाली दल से कोई नेता मिलता है, उसे भाजपा ले जाती है। भाजपा ने पंजाब में कांग्रेस विंग बना रखा है। ज्यादातर कांग्रेसियों के खिलाफ केस चलते हैं, जिन्हें डरा कर फाइलें दिखाकर भाजपा में शामिल कर लिया जाता है। क्या यह लोकतंत्र है?”
शासन की प्राथमिकताओं के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बदले की राजनीति की बजाय बेरोजगारी दूर करने, स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने तथा बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि करोड़ों युवाओं को नौकरियां कैसे मिलें, अच्छे स्कूल कैसे बनाए जा सकें, अस्पताल बेहतर इलाज कैसे प्रदान कर सकें और लोगों को एल.पी.जी. तथा पेट्रोलियम की कीमतों के बोझ से कैसे मुक्त किया जा सके। इसके बजाय मोदी का ध्यान किसी की सुरक्षा घटाने, किसी की सुरक्षा बढ़ाने, ई.डी. और सी.बी.आई. को इधर-उधर भेजने पर है। क्या सरकारें इस तरह चलाई जाती हैं? सरकार कहीं और से चलाई जा रही है। आदेश वाशिंगटन और व्हाइट हाउस से आते हैं। वे विश्व गुरु बनना चाहते थे लेकिन हम विश्व चेला बन गए हैं।”
