इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत,एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति ने तोड़े सारे प्रोटोकॉल
आसमान में फाइटर जेट्स ने दी सलामी
जकार्ता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका तीसरा इंडोनेशिया दौरा है, लेकिन इस बार उनके स्वागत में जो नजारा देखने को मिला, उसने पूरे विश्व का ध्यान भारत की ओर खींच लिया है। जब पीएम मोदी का विमान इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों के एक पूरे बेड़े ने उड़ान भरी और उनके विमान को आसमान में चारों तरफ से घेरकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ एस्कॉर्ट किया। हर भारतवासी के लिए यह गौरव और सम्मान का एक बेहद ऐतिहासिक पल है।
जकार्ता के एयरपोर्ट पर भी भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत की एक नई तस्वीर देखने को मिली। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने सारे राजनयिक प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए सीधे एयरपोर्ट पहुंचकर खुद प्रधानमंत्री मोदी की बेहद गर्मजोशी के साथ अगवानी की। इस यात्रा के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब 2,500 करोड़ रुपये की बेहद घातक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिससे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को एक नया आयाम मिलेगा।
जकार्ता पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि वह राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्नेहपूर्ण और व्यक्तिगत स्वागत से बेहद प्रभावित हुए हैं। पीएम मोदी ने बताया कि साल 2018 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया था, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को काफी लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा के दौरान दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और अधिक गति देने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वह इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे और इस दौरान वह राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित देश के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह ऐतिहासिक मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी (करीब 85 प्रतिशत) वाला देश है, फिर भी यहां की सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की बेहद गहरी और अमिट छाप है। यहां आज भी भव्य रामलीला का मंचन होता है और देश की आधिकारिक मुद्रा पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है, जो दोनों देशों के सदियों पुराने अटूट ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का सबसे बड़ा प्रमाण है।
