July 6, 2026

राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर पंजाब की बेहतरी के लिए सोचना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता – रामगढ़िया

रामगढ़िया अकाल जत्थेबंदी के राष्ट्रीय संयोजक ने नेताओं को दी नसीहत

राज घई, श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, जिसे कभी देश का सबसे समृद्ध और अग्रणी राज्य माना जाता था, आज कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। लोकतंत्र में चुनाव और सत्ता का संघर्ष एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब राजनीतिक नेताओं का पूरा ध्यान केवल अपनी कुर्सी बचाने और अगला चुनाव जीतने तक सीमित हो जाता है, तब राज्य के महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
इन विचारों को व्यक्त करते हुए रामगढ़िया अकाल जत्थेबंदी के राष्ट्रीय संयोजक हरजीत सिंह रामगढ़िया ने कहा कि आज समय की मांग है कि सभी राजनीतिक दल और नेता व्यक्तिगत तथा दलगत हितों से ऊपर उठकर पंजाब के विकास और बेहतरी को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए प्रमुख मुद्दों पर तुरंत और गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रतिभा पलायन (ब्रेन ड्रेन) को रोकना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। पंजाब के प्रतिभाशाली युवा रोजगार के पर्याप्त अवसर न मिलने के कारण लगातार विदेशों का रुख कर रहे हैं। नेताओं को केवल चुनाव के समय नौकरियों के वादे करने के बजाय राज्य में नए उद्योगों (आईटी, फार्मास्यूटिकल और टेक्सटाइल आदि) की स्थापना करनी चाहिए, ताकि युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि कृषि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन लगातार गिरता भूजल स्तर और गेहूं-धान का फसली चक्र गंभीर चिंता का विषय है। सरकारों को ऐसी स्थायी नीतियां बनानी चाहिए जो किसानों को वैकल्पिक फसलों (जैसे दलहन और बागवानी) की खेती के लिए प्रोत्साहित करें तथा उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करें।
रामगढ़िया ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर बल देते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर निर्भर करती है। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को इतना मजबूत और आधुनिक बनाया जाना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता का विषय राज्य की आर्थिक स्थिरता और बढ़ता हुआ कर्ज है। पंजाब पर लगातार बढ़ रहा कर्ज राज्य के विकास की गति को धीमा कर रहा है। राजनीतिक लाभ के लिए अल्पकालिक राहत देने वाली नीतियों के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक योजना बनाना भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि पंजाब को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन सत्ता का वास्तविक उद्देश्य जनता की सेवा और राज्य का विकास होना चाहिए। जब तक नेतृत्व ‘कुर्सी की राजनीति’ से ऊपर उठकर ‘पंजाब की राजनीति’ नहीं करेगा, तब तक स्थायी और सार्थक सुधार संभव नहीं हैं। पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को एकजुट होकर दूरदर्शी नीतियों को लागू करना ही सच्ची जनसेवा होगी।

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