शिमला में कृषि विभाग की बैठक की अध्यक्षता की
हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक खेती में देश का प्रथम राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। अधिकारियों को इस दिशा में पूरी दक्षता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख निर्देश दिए कि-
- प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के विपणन के लिए कृषि विभाग में अलग मार्केटिंग विंग स्थापित किया जाए।
- उत्पादों की डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर बिक्री की संभावनाएं भी तलाशें।
- कांगड़ा जिला के बड़ा भंगाल क्षेत्र को प्राकृतिक खेती पंचायत घोषित करने की सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करें।
- बड़ा भंगाल में उगाई जाने वाली राजमाह के लिए भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
वर्तमान में प्रदेश के 2,56,870 किसान 44,784.73 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। राज्य सरकार की नई पहल से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
छोटे एवं सीमांत डेयरी सहित अधिक से अधिक किसानों के हाथों में पैसा पहुँचाने के लिए पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश के दूध उत्पादकों को 300 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार जी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
