July 4, 2026

राजस्व मंत्री ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की

यूनिवर्सल कॉर्टन प्रदेश में कांग्रेस सरकार की देन, छोटे व सीमांत बागवानों को शोषण से बचाया

टेलीस्कोपिक कॉर्टन से सेब व्यापारियों को हो रहा था आर्थिक लाभ

रिकांगपिओ ,राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज महात्मा गॉधी पार्क रिकांगपिओ में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
बागवानी मंत्री ने इस अवसर पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सरकार गांव के द्वार’ के माध्यम से लोगों को सरकार की विभिन्न नीतियों व योजनाओं से अवगत करवाना तथा उन्हें प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के मद्देनजर इस कार्यक्रम को पूरे प्रदेश सहित किन्नौर जिला में भी आरंभ किया गया है।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार पारदर्शी एवं जवाबदेही प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है और इस कड़ी के तहत सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को घर द्वार पर जिला प्रशासन द्वारा उनकी जन समस्याओं का समाधान मिल सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि जवाबदेही प्रशासन से पंचायत जन प्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों को वर्तमान प्रदेश सरकार की जन हितैषी नीतियों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त होती है।

जनजातीय विकास मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की संवेदनशील सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का ऐतिहासिक फैसला लिया जिसके लागू होने से प्रदेश के लगभग 1 लाख 36 हजार सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ मिला है तथा वे अपने परिवारों के साथ सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

उन्होनें कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, वन अधिकार अधिनियम-2006, व नौ तोड़ अधिनियम 1968 जो कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंत सिंह परमार की देन है, जिससे पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश में भूमिहीन व उपेक्षित वर्गों को सामाजिक-आर्थिक उत्थान में सहायता मिली है और वे समाज की मुख्य धारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के सर्वस्पर्शी निर्णयों से समावेशी समाज का निर्माण संभव हुआ है तथा हर वर्ग इन जनहितैषी योजनाओं से लाभान्वित हुआ है।

जगत सिंह नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों के उपेक्षित वर्गो को सशक्त बनाने के लिए वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत लोगों को भू-पट्टे प्रदान कर मालिकाना हक प्रदान किया जा रहा है ताकि वंचित वर्गों का उत्थान संभव हो सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य कर रही है तथा हर वर्ग को समावेशी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस कड़ी के तहत, टेलीस्कोपिक कॉर्टन हटाकर यूनिवर्सल कॉर्टन लागू कर, छोटे व सीमांत बागवानों के लिए उल्लेखनीय निर्णय लिया गया है जिससे छोटे बागवानों को व्यापारियों के शोषण से राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार ने राज्य पदा राहत मैन्युअल में सकारात्मक बदलाव कर आपदा ग्रस्त लोगों के लिए क्षतिग्रस्त मकानों की राशि को 1 लाख 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 8 लाख रुपए किया तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान की राशि को 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख किया गया है जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को दुख की घड़ी में मरहम प्रदान हुआ है।
जनजातीय विकास मंत्री ने बताया बताया कि सरकार स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई करवाई जा रही है तथा निचार, सांगला, रिकांगपिओ, पूह व कानम सरकारी स्कूल में सी0बी0ए0सी0 पैटर्न पर शिक्षा प्रदान की जाएगी जिससे निर्धन व वंचित वर्गों के बच्चों को घर-द्वार पर गुणात्मक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो सकें।

बागवानी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू नशामुक्त समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं तथा चिट्टामुक्त प्रदेश बनाने के लिए पुलिस विभाग का खुफिया तंत्र मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी इस घातक जहर से बच सके। उन्होंने कहा की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पंचायत जन प्रतिनिधि, शिक्षक वर्ग, अभिभावक व समाजसेवी कारगर भूमिका निभा सकते हैं ताकि सशक्त प्रदेश व देश का निमार्ण संभव हो सकें।

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