किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अलनीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को कम पानी की खपत वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जाए तथा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण पर विशेष निगरानी रखी जाए।
मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
धान की सीधी बिजाई (DSR) योजना में वर्ष 2026 के लिए 9,905 किसानों ने 40,352 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए पंजीकरण कराया है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न खंडों में 10 सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRP) की नियुक्ति की गई है।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जिले के हजारों किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है तथा कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी दल कार्य कर रहे हैं। साथ ही किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूत कर बागवानी, प्राकृतिक खेती और मूल्य संवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
