June 12, 2026

समुद्र में सात दिन तक मौत से जंग लड़ते हुए व्यक्ति ने 80 कच्चे केकड़े खाकर बचाई जान

नई दिल्ली, चीन में एक 39 वर्षीय व्यक्ति ने समुद्र में सात दिनों तक फंसे रहने के बावजूद अद्भुत हिम्मत और जिजीविषा का परिचय देते हुए अपनी जान बचाई। भूख, प्यास, तेज धूप और शारीरिक कमजोरी से जूझते हुए उसने कच्चे केकड़े खाकर खुद को जीवित रखा। उसकी यह कहानी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किन नामक व्यक्ति चीन के हैनान प्रांत की राजधानी हाइकोउ घूमने गया था। 27 मई को वह समुद्र तट पर टहल रहा था, तभी तेज लहरें उसे बहाकर गहरे समुद्र में ले गईं। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी खो गया, जिससे किसी से संपर्क करने की संभावना खत्म हो गई।

समुद्र में बहते हुए अगले दिन किन को एक तैरता हुआ बॉय दिखाई दिया। उसने किसी तरह उस पर खुद को संभाला और वही तैरता ढांचा अगले कई दिनों तक उसके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।

समुद्र में फंसे किन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भोजन की थी। आसपास खाने के लिए कुछ नहीं था, ऐसे में उसने बॉय के आसपास मौजूद छोटे-छोटे केकड़ों को पकड़कर खाना शुरू किया। बताया जाता है कि सात दिनों के दौरान उसने करीब 80 कच्चे केकड़े खाए, जिससे उसे जीवित रहने के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती रही।

लगातार धूप, समुद्री पानी और निर्जलीकरण के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। कई दिनों तक समुद्र में रहने से उसे भ्रम (हैलुसिनेशन) होने लगे और वह वास्तविकता तथा कल्पना के बीच अंतर करने में भी कठिनाई महसूस करने लगा।

आखिरकार सात दिन बाद दो मछुआरों, झेंग शिझोंग और फू टिंगसान, की नजर समुद्र में फंसे किन पर पड़ी। उन्होंने उसे बचाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। उस समय उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से स्थिति को समझ भी नहीं पा रहा था।

मछुआरों ने उसे अपनी नाव पर चढ़ाया, पानी पिलाया और साफ कपड़े दिए। उसके शरीर पर कई घाव हो चुके थे और उनमें संक्रमण के लक्षण भी दिखाई दे रहे थे। पूरे रास्ते दोनों मछुआरे उससे बातचीत करते रहे ताकि वह होश में बना रहे।

बाद में किन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके शरीर में पानी की गंभीर कमी हो गई थी और तेज धूप व समुद्री पानी के कारण त्वचा को भी नुकसान पहुंचा था। जांच में उसके पाचन तंत्र में सूजन पाई गई, जिसकी एक वजह लंबे समय तक कच्चे केकड़े खाना मानी गई।

हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि कच्चे केकड़ों के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जरूर हुईं, लेकिन उन्हीं की बदौलत उसे जीवित रहने के लिए आवश्यक पोषण भी मिला। यदि उसने कुछ न खाया होता तो उसके बचने की संभावना बेहद कम हो सकती थी।

किन की यह संघर्षपूर्ण कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग उसकी हिम्मत, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों में हार न मानने के जज्बे की सराहना कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *