केदारनाथ यात्रा रोकी गई, बद्रीनाथ मार्ग पर भी संकट, भारी बारिश के कारण रास्ते में फंसे यात्री
देहरादून, उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा पर असर डालना शुरू कर दिया है। खराब मौसम, भूस्खलन और सड़कों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं बद्रीनाथ हाईवे पर भी हजारों श्रद्धालु घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
रुद्रप्रयाग प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण केदारनाथ धाम की यात्रा फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है।
प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु हेल्पलाइन नंबर 8958757335, 8218326386 अथवा डायल-112 पर संपर्क कर सकते हैं।
उधर, चमोली जिले में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। वाहनों की लंबी कतारों के चलते यात्री परेशान हैं। प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है और 30-30 मिनट के अंतराल पर एकतरफा ट्रैफिक संचालन शुरू किया गया है। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, प्रतिदिन 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 5 से 10 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण सड़क नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जोशीमठ-मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग मार्ग का करीब 10 किलोमीटर हिस्सा अभी भी भू-धंसाव और खराब सड़क स्थिति से प्रभावित है। इसी वजह से यातायात प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संचालित करना पड़ रहा है। एसपी पंवार ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जोशीमठ के नरसिंह मंदिर के पास विशेष गेट सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था फिलहाल प्रभावी साबित हो रही है और जाम को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को मौसम और प्रशासनिक निर्देशों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
