भाजपा की विभाजनकारी राजनीति पंजाब में नहीं चलेगी : मुख्यमंत्री
बठिंडा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी ‘शुकराना यात्रा’ के तीसरे दिन बठिंडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर पंजाब में सांप्रदायिक आधार पर नफरत फैलाने और लोगों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल की हालिया हिंसा का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि वहां जो अशांति हो रही है, वह भाजपा की कार्यशैली का ही परिणाम है।
हाल ही में राज्य में हुए धमाकों पर दिए गए उनके बयान को लेकर भाजपा द्वारा देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग पर मान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने सुनील जाखड़ पर तंज कसा और कहा कि जाखड़ साहब अनुभवी नेता हैं और लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं, इसलिए वे असलियत बेहतर जानते हैं।
मुख्यमंत्री ने भाजपा और आरएसएस की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय पर 52 वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया गया। उन्होंने पूछा कि क्या अब ये लोग हमें देशभक्ति या राष्ट्रविरोधी होने का प्रमाण पत्र देंगे?
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में पंजाबियों ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने पूछा कि क्या 1947 के दौरान भाजपा नेताओं के किसी रिश्तेदार ने जान गंवाई? उस समय करीब 10 लाख लोग मारे गए थे और वे हमारे अपने थे। हमें आजादी की कीमत पता है। देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान देने के बावजूद आज पंजाबियों को राष्ट्रविरोधी बताया जा रहा है।
मान ने पंजाब के भाईचारे की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां हर तरह की फसल तो उग सकती है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं पनप सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा की विभाजनकारी रणनीति दूसरे राज्यों में भले काम कर जाए, लेकिन पंजाब में कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में रामनवमी, गुरुपर्व और हनुमान जयंती जैसे सभी त्योहार हर समुदाय के लोग मिलकर मनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के नेताओं, विशेष रूप से सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर भी प्रहार किए। उन्होंने बादलों पर अपनी चिर-परिचित व्यंग्यात्मक किकली भी सुनाई और साथ ही कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। यह चार दिवसीय यात्रा शनिवार को फतेहगढ़ साहिब में समाप्त होगी।
