ईरान-अमेरिका सीजफायर पर बोला भारत- उम्मीद है इससे स्थाई शांति आएगी
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद भारत सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने इस संघर्ष-विराम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में सकारात्मक माहौल बनेगा। मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि क्षेत्र में जारी तनाव को खत्म करने के लिए संवाद, कूटनीति और तनाव कम करना ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस संघर्ष का असर आम लोगों पर गंभीर रूप से पड़ा है और इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व व्यापार नेटवर्क बाधित हुए हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते समुद्री यातायात सामान्य होगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना रुकावट जारी रह सकेगा।
सीजफायर के ऐलान के साथ ही होर्मुज का रास्ता फिर से खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार के अनुसार, इस समय फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज लंगर डाले हुए हैं, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार हैं। हालात सामान्य होने के बाद ये जहाज अब अपने गंतव्य की ओर रवाना होने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि इन्हें भारत पहुंचने में 3 दिन से लेकर एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
सीजफायर की समय-सीमा से करीब डेढ़ घंटे पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा कर दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि ईरान के साथ प्रमुख विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अगले दो सप्ताह में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर राजी हो गया है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जो आगे की बातचीत के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।
