January 25, 2026

चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी बनाई जाएगी: मुख्यमंत्री

चिकित्सा महाविद्यालयों में एमडी-एमएस के नए विषय होंगे शुरू

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी बनाई जाएगी। इस पॉलिसी के तहत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीनियर रेजिडेंटशिप में जीडीओ का कोटा 66 प्रतिशत किया जाएगा। अभी इसका अनुपात जीडीओ व सीधी भर्ती द्वारा पचास-पचास प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, नाहन, हमीरपुर व नेरचौक में नए विषयों में एमडी व एमएस करवाई जाएगी। इससे
स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना और सुदृढ़ होगी।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जो डीएम और एमसीएच सुपरस्पेशलिस्ट फील्ड में हैं उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय में नियुक्ति प्रदान की जाएगी। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च तकनीकयुक्त स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त किये जाएंगे, जिसमें से 500 चिकित्सा महाविद्यालयों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात किये जाएंगे। इसके लिए प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट हमीरपुर जिला से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोगी मित्र की कार्यप्रणाली के लिए विभाग द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में रोगी मित्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि चमियाणा अस्पताल, चिकित्सा महाविद्यालय टांडा व आईजीएमसी शिमला में भी पायलट आधार पर 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की मदद के लिए रोगी मित्र तैनात किये जाएंगे। इन संस्थानों में रोगी मित्र कांऊटर भी स्थापित किये जाएंगे।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय की विभिन्न ओपीडी में मरीजों से सम्बन्धित विभिन्न डेटा दर्ज करने के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर भी तैनात किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त करने के लिए नवोन्मेषी उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं ताकि इस क्षेत्र में प्रदेश, देश का अग्रणी राज्य बने।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकर (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी, विशेष सचिव स्वास्थ्य अश्वनी शर्मा एवं जितेन्द्र सांजटा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य गोपाल बेरी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *