February 21, 2026

अक्षय कुमार ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : एकता का प्रतीक’ डॉक्यूमेंट्री पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार

मुंबई , एक्‍टर अक्षय कुमार ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : एकता का प्रतीक’ डॉक्यूमेंट्री पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अक्षय ने कहा कि यह एकता की महान भावना का सम्मान करने के बारे में है, जो हर भारतीय के भीतर गूंजती है।

“स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : एकता का प्रतीक” डॉक्यूमेंट्री आनंद एल राय द्वारा निर्देशित है। यह एक महत्वाकांक्षी दृष्टि को वास्तविकता में बदलने की यात्रा पर आधारित है। 40 मिनट की डॉक्यूमेंट्री एकता की भावना के साथ देश को एक साथ बांधती है।

यह अखंड भारत के निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने आजादी के बाद 562 खंडित रियासतों को एक राष्ट्र में एकीकृत करने का नेतृत्व किया।

डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतर्दृष्टि भी शामिल है, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में इस परियोजना की कल्पना की थी। डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण की चरण-दर-चरण यात्रा का वर्णन करती है।

2013 में सरदार पटेल के जन्मदिवस के मौके पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को पूरा करने के लिए इसकी आधारशिला रखी थी।

अक्षय ने कहा, “‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : एकता का प्रतीक’ का हिस्सा बनना मेरे लिए खास अनुभव रहा है। यह एकता की महान भावना का सम्मान करने के बारे में है, जो हर भारतीय के भीतर गूंजती है।”

उन्होंने कहा, “सरदार पटेल की दूरदर्शिता और नेतृत्व हमें एक राष्ट्र के रूप में हमारी ताकत को याद दिलाने में हमें प्रेरित करता है। मुझे उम्मीद है कि यह डॉक्यूमेंट्री हमारी साझा विरासत और एक साझा उद्देश्य के लिए एक साथ आने की शक्ति की याद दिलाएगी।”

डॉक्यूमेंट्री में पीएम मोदी की उस अनूठी पहल का भी जिक्र किया गया है, जिसमें उन्‍होंनेे प्रतिमा के लिए लोहा खरीदने कहा था, इस मूर्ति को बनाने के लिए पूरे भारत के किसानों से खेती के काम में आने वाले पुराने और बेकार हो चुके औजारों को मांगा गया था।

जैसे-जैसे डॉक्यूमेंट्री आगे बढ़ती है, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पीछे की टीम दर्शकों को एक विस्मयकारी यात्रा पर ले जाती है।

निर्देशक आनंद ने कहा, “क्रांति तब पैदा होती है, जब लोग एक बड़े उद्देश्य के लिए एक साथ आते हैं। सरदार पटेल एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एकता के महत्व की वकालत की।”

उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री ‘अखंड भारत’ के प्रणेता की विरासत को दर्शाती है।

डॉक्यूमेंट्री में उन स्थानीय लोगों की सफलता और उत्थान की कहानियां भी शामिल हैं, जिन्हें इस परियोजना से लाभ हुआ है, और उनका शहर एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है। डॉक्यूमेंट्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के कुछ उल्लेखनीय पर्यटक आकर्षणों के दौरे के साथ आगे बढ़ती है।

यह उस व्यस्त पर्यटन स्थल पर ध्यान केंद्रित करती है, जहां एक ही दिन में 50,000 तक पर्यटक आते हैं।

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : एकता का प्रतीक’ का प्रीमियर 8 मार्च को हिस्ट्री टीवी18 पर होगा।

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