अपनी अनदेखी से निराश आम आदमी पार्टी के नेता व संस्थापक सदस्य
क्या लोकसभा चुनावों में श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की पार्टी को याद आएगी?
सुधीर शर्मा, श्री आनंदपुर साहिब, विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के सीनियर और संस्थापक सदस्यों द्वारा लीडरशिप पर अक्सर अनदेखी करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। परंतु लीडरशिप द्वारा उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर कभी कोई खास ध्यान नहीं दिया गया और न ही उन कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश की गई। अपनी अनदेखी के चलते वे नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने घरों में बैठ गए हैं। अपनी अनदेखी से अधिक यह लोग इस बात से नाराज है कि दूसरी पार्टियों से आए अवसरवादी लोग आज सत्ता और सत्ताधारियों के चहेते बने नज़र आते हैं। इन कार्यकर्ताओं की मानें तो अब पार्टी या श्री आनंदपुर साहिब के नेताओं को उनकी जरूरत नहीं है क्योंकि अब आम आदमी पार्टी के साथ अन्य पार्टियों के मौकापरस्त लोग जुड़े ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय नेताओं के साथ पहली पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार ये वही लोग हैं जिन्होंने चुनावों के दौरान डटकर आम आदमी पार्टी नेताओं का विरोध किया था। यह लोग आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जगह-जगह पर लड़ते झगड़ते भी दिखाई देते रहे थे। आज आम आदमी पार्टी नेताओं के साथ पहली कतार में उन अवसरवादी नेताओं को देखकर पार्टी के संस्थापक कार्यकर्ताओं के मन में भारी रोष होना स्वाभाविक है।
पार्टी हाई कमान को भी पता है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में जनाधार रखने वाले कार्यकर्ताओं को असंतुष्ट और पार्टी से विमुख रखना पार्टी को भारी पड़ सकता है। ऐसे में जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव पास आते जाएंगे वैसे-वैसे आप के पुराने कार्यकर्ताओं को एक बार फिर मनाने का सिलसिला शुरू होता दिखाई देने लगेगा। सूत्रों की माने तो पार्टी की दिल्ली लीडरशिप एक बार फिर अपने पुराने साथियों को साथ लेकर लोकसभा चुनावों में उतरने का मन बना रही है। सूत्रों की मानें तो 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में अहम जिम्मेवारी निभाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को पार्टी हाई कमान एक बार फिर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व पार्टी के हक में मतदान करवाने के लिए काम करते हुए देखना चाहती है। इसी उद्देश्य को लेकर आम आदमी पार्टी की दिल्ली लीडरशिप पंजाब के विधायकों सहित वरिष्ठ नेताओं को नाराज होकर अलग हुए कार्यकर्ताओं को मना कर वापस पार्टी की पहली कतार में लाने के आदेश जारी करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी की लीडरशिप मानती है कि जिन मौका परस्त लोगों का साथ पाकर अन्य पार्टियों के नेता चुनावों में भारी अंतर से चुनाव हार गए थे वे लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कैसे जीत दिलाएंगे? इस बात को लेकर दिल्ली की लीडरशिप चिंता में है। पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि कहीं यह सब लोग डेपुटेशन पर आम आदमी पार्टी में तो शामिल नहीं हुए हैं जो चुनावों के समय भीतरघात करके पार्टी को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य रखते हों। इन्हीं सब चिताओं को लेकर पार्टी की दिल्ली लीडरशिप पुराने कार्यकर्ताओं पर अपना विश्वास दिखाते हुए एक बार फिर उन पर ही लोकसभा चुनावों की जिम्मेदारी देने का मन बना रही है।
