July 14, 2024

बायोमास पावर प्रोजैक्टों में सालाना 10 लाख टन धान की पराली का होगी उपभोग: अमन अरोड़ा

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चंडीगढ़, स्वचछ एवं वातावरण समर्थकीय ऊर्जा के उत्पादन और प्रयोग में पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह के साथ नई दिल्ली स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजैक्टों से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। राज्य में 100 मैगावॉट के बायोमास पावर प्रोजैक्टों को स्थापित करने के लिए वाएबिलिटी गैप फंडिंग (वी.जी.एफ.) की माँग करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि यह प्रस्तावित प्रोजैक्ट सालाना 10 लाख टन धान की पराली का उपभोग करेंगे। इससे पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान होने के साथ-साथ वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने आर.के. सिंह को इन 100 मैगावॉट के बायोमास पावर प्रोजैक्टों के लिए 5 करोड़ रुपए प्रति मैगावॉट वी.जी.एफ. देने की माँग पर विचार करने की विनती की। पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पराली को ईंधन के तौर पर बरतने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से पंजाब नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा सकता है, जो सभी के हित में होगा। उन्होंने राज्य में बायोमास सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजैक्ट स्थापित करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता की माँग भी की। ग्रीन हाईड्रोजन से सम्बन्धित मुद्दों को उठाते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि भारत सरकार को नेशनल ग्रीन हाईड्रोजन मिशन के अंतर्गत कृषि अवशेष आधारित ग्रीन हाईड्रोजन प्रोजैक्टों को स्थापित करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री को आश्वासन दिया कि मंत्रालय द्वारा बायोमास पावर प्रोजैक्टों के लिए वी.जी.एफ. मुहैया करवाने संबंधी विचार करने के अलावा अन्य सभी मुद्दों को भी जल्द हल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन हाईड्रोजन मिशन के अंतर्गत पंजाब को पसन्दीदा राज्य के तौर पर विचारा जाएगा।  

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