त्योहारी सीजन में फीकी पड़ेगी मिठास, चीनी के बाद अब गुड़ ने दिया बड़ा झटका
त्योहारों पर मिठाइयां और पकवान होंगे महंगे
मुंबई , शक्कर की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता को अब एक और बड़ा झटका लगा है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले गुड़ की कीमतों में आए भारी उछाल ने आम आदमी के बजट की कमर तोड़ कर रख दी है। आलम यह है कि मुंबई की कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में 25 अगस्त 2026 को गुड़ का भाव 80 रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। बाजार में गुड़ की अलग-अलग क्वालिटी के हिसाब से ग्राहकों को और भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। वहीं, खुदरा बाजार में तो इसके दाम मंडी से भी ज्यादा ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।
गुड़ की कीमतों में यह आग अचानक नहीं लगी है। देश के प्रमुख गुड़ उत्पादक राज्यों, खासकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पिछले महज दो हफ्तों के भीतर ही कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त महीने में पूरे देश में गुड़ के दामों में करीब 25 से 30 फीसदी तक का भारी उछाल आया है। गुड़ निर्माताओं और व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि बाजार में गुड़ की कीमतें आमतौर पर चीनी की कीमतों के साथ-साथ ही चलती हैं, जिसका सीधा असर अब खुदरा कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
आने वाले समय में कई बड़े त्योहार कतार में हैं और ऐसे में गुड़ के दाम बढ़ने से पारंपरिक पकवानों और मिठाइयों की लागत पर सीधा असर पड़ने वाला है। पहले शक्कर और अब गुड़ महंगा होने की वजह से इस बार फेस्टिव सीजन में लड्डू और अन्य मिठाइयां खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेगा। मिठास महंगी होने से ग्राहकों का त्योहारी बजट पूरी तरह से डगमगा गया है और इसका असर मिठाई के बाजार पर भी पड़ना तय है।
महंगाई की इस मार से फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है। इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले साल गन्ने की उपलब्धता कम रह सकती है। इसके कारण गुड़ की कीमतें साल 2027 तक ऊंचे स्तर पर ही बनी रहने की आशंका है। हालांकि, अक्टूबर महीने में गुड़ का नया उत्पादन (क्रशिंग सीजन) शुरू होने के बाद कीमतों में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद जरूर है, लेकिन लंबी अवधि में मिठाई निर्माताओं और आम ग्राहकों पर महंगाई का यह भारी दबाव लगातार बना रहेगा।
