श्री बांके बिहारी मंदिर में चंदा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
नई दिल्ली, वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने प्रबंधन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के नाम पर आ रहे दान का एक-एक पैसा अब केवल आधिकारिक दान पेटी (गोलक) या मंदिर के ऑनलाइन खाते में ही जमा होना चाहिए। अदालत की इस सख्ती के बाद मंदिर परिसर में दान प्रबंधन को लेकर बड़े बदलाव होने तय माने जा रहे हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने कथित चंदा चोरी से जुड़ी एक हाई पावर कमेटी की स्टेटस रिपोर्ट और कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें कोर्ट के सामने पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि हालात बेहद गंभीर हैं और इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। सबूत के तौर पर कोर्ट को बताया गया कि एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि तीन लोग पारंपरिक दान पेटी के ठीक सामने खड़े हैं और श्रद्धालुओं से सीधे पैसे लेकर उसे अपनी पॉलीथिन की थैलियों में भर रहे हैं।
वकील की इन दलीलों और पेश किए गए सबूतों को देखने के बाद जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। अदालत ने कड़े शब्दों में आदेश देते हुए कहा कि दान के पैसों को लेकर कोई भी संदेह नहीं रहना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ‘सेवायत’ या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस नई पारदर्शी व्यवस्था में कोई भी रुकावट डालने की कोशिश की गई, तो अदालत इसे बहुत गंभीरता से लेगी। इसके साथ ही, मैनेजमेंट कमेटी को मंदिर के खजाने की सुरक्षा के लिए तत्काल एक पूरी तरह से पारदर्शी सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
