July 22, 2024

मातरू वंदना योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष दौरान 60 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ दिए जाएंगे: डा. बलजीत कौर

चंडीगढ़, सरकार द्वारा गर्भवती औरतों और दूध पिलाने वाली मां के पोषण और स्वास्थ्य स्तर को ऊँचा उठाने के लिए चालू वित्तीय साल दौरान 60 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। इसकी शुरुआत जून महीने में लगभग 25 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ महिला लाभपात्रियों के खातों में ट्रांसफर करके की जाएगी। यह बात सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री डा. बलजीत कौर ने आज यहाँ कही।
इस संबंधी ज्यादा जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सरकार गर्भवती औरतों और दूध पिलाने वाली मां के पोषण और स्वास्थ्य स्थिति को ऊँचा उठाने के लिए लगातार कार्यशील है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत राज्य में पिछले वित्तीय साल दौरान 96044 औरत लाभपात्रियों को 42 करोड़ रुपए बाँटे जा चुके है। उन्होंने बताया कि इस रकम में से दूसरा बच्चा बेटी के जन्म पर 42592 औरतों को लगभग 25. 55 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ दिए गए।
मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा 19 साल और इससे अधिक आयु की महिलाओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म पर 5000 रुपए दो किश्तों में ( रुपए 3000+2000) और दूसरा बच्चा लडक़ी पैदा होने पर 6000 रुपए दिए जाते है। यह राशि प्रधान मंत्री मातरू वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती औरतों और दूध पिलाने वाली मां के पोषण एंव स्वास्थ्य स्थिति को ऊँचा उठाने के लिए विशेष शर्तों की पूर्ति के अधीन दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य औरतों को आंशिक मुआवज़ा प्रदान करके उनके स्वास्थ्य में बच्चे के प्रसूते से पहले और बाद में सुधार करना है। इससे बच्चियों के कम हो रहे जन्म समय लिंग अनुपात में सुधार करने के उद्देश्य को बल मिलेगा और जन्म से पहले लिंग चुनाव किये जाने वाली प्रथा को थमने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी आंगणवाड़ी सैंटरों में आंगणवाड़ी वरकरों द्वारा इस वित्तीय सहायता के लिए फार्म भरे जाते है। उन्होंने बताया कि वित्तीय सहायता की अदायगी सीधी लाभपात्रियों के बैंक खातों/ डाकखाने खातों में जाती है, जिनको आधार के साथ जोड़ा जा चुका है।
डा. बलजीत कौर ने विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि राज्य के योग्य लाभपात्रियों के फार्म भरे जाएँ और इन लाभपात्रियों को अधिक से अधिक लाभ पहुँचाया जाए। इसके इलावा लाभपात्री घर बैठ कर भी आनलाइन पोर्टल        ( द्धह्लह्लश्चह्य/: / श्चद्वद्व14. ठ्ठद्बष्. द्बठ्ठ/) और अपने आप रजिस्टर्ड करके अपना आवेदन जमा करवा सकते है।
उन्होंने यह भी कहा कि और ज्यादा जानकारी के लिए लाभपात्री अपने जि़ले के आंगणवाड़ी सेंटर/ दफ्तर बाल विकास प्रोजैक्ट अधिकारी और दफ़्तर जि़ला प्रोग्राम अधिकारी के साथ संपर्क कर सकते है।

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