गर्मियों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को विभाग सक्रिय, मैदानी स्तर पर बढ़ाई निगरानी
ऊना, 1 मई. ऊना जिले में तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्मी का असर तेज होने लगा है। इसे देखते हुए आमजन को निर्बाध एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल शक्ति विभाग ने मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। जल शक्ति विभाग ऊना के अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने विभागीय अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष नजर बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात एई, जेई, वर्क इंस्पेक्टर तथा फिटर अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि आमजन को पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निर्माण कार्यों और टुल्लू पंप पर रहेगी नजर
श्री धीमान ने निर्माण कार्यों में पेयजल आपूर्ति के पानी के अनावश्यक उपयोग तथा जलापूर्ति लाइनों पर अवैध रूप से टुल्लू पंप लगाने जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले सामने आने पर तत्काल कनेक्शन काटकर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभागीय टीमें समय-समय पर निरीक्षण कर पेयजल के दुरुपयोग एवं अनावश्यक बर्बादी की रोकथाम सुनिश्चित करेंगी।
पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल
अधीक्षण अभियंता ने पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जल स्रोतों की नियमित सफाई, रखरखाव एवं शुद्धिकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में गुणवत्तापूर्ण एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
फील्ड स्तर पर समीक्षा और समन्वय बढ़ाने के निर्देश
गर्मी के बढ़ते प्रभाव एवं संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए अधीक्षण अभियंता ने विभागीय अधिकारियों को क्षेत्रवार समीक्षा बैठकें आयोजित कर पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अधिशासी अभियंता अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में फील्ड स्टाफ के साथ बैठक कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
श्री धीमान ने आमजन से पेयजल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संरक्षण में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।
