September 13, 2026

मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई

12 आरोपियों को किया गया था बरी

मुंबई, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के 12 आरोपियों को बरी करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की रिहाई पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है।महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सभी आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दायर की है। मुंबई में साल 2006 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में सोमवार को हाईकोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार शाम 12 में से दो आरोपियों को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया था. हाईकोर्ट के इस फैसले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. इसके साथ ही 1 महीने के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.

यह मामला 11 जुलाई 2006 का है, जब मुंबई की लोकल ट्रेनों में शाम के समय मात्र 11 मिनट के अंदर सात अलग-अलग जगहों पर सीरियल बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 189 लोगों की जान चली गई थी और 827 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। नवंबर 2006 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद 2015 में ट्रायल कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिसमें 5 को फांसी और 7 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जनवरी 2025 में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई थी, और तब से कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। येरवडा, नाशिक, अमरावती और नागपुर जेल में बंद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

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