May 5, 2026

चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड में मास्टरमाइंड एडीजीपी की भाभी गिरफ्तार

चंडीगढ़, चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड अमरीन राय को गिरफ्तार कर लिया है। अमरीन, जो पंजाब के एक एडीजीपी की भाभी बताई जा रही है, सेक्टर-35 चंडीगढ़ की निवासी है।

पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की वजह प्रॉपर्टी लेनदेन को लेकर विवाद था। अमरीन का आरोप था कि चमनप्रीत ने न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी के सौदे में उसके साथ धोखाधड़ी की, महंगे दाम पर जमीन बेची और कब्जा भी नहीं दिलवाया, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ। इसी रंजिश में उसने हत्या की साजिश रची।

जांच में सामने आया कि अमरीन ने गैंगस्टर लकी पाटियाल के जरिए कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की योजना बनाई। इस साजिश में मोहाली के गांव कैम्बाला निवासी प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उसने एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से अमरीन और गैंगस्टर के बीच संपर्क करवाया। हत्या के बदले बड़ी रकम देने का वादा किया गया था।

29 अप्रैल 2026 को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाकाबंदी की गई। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों के चलते हर्षप्रीत सिंह (27) को रोका गया। तलाशी में उसके पास से एक विदेशी .45 बोर पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बरामद पिस्टल अमरीन के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिससे उसके शामिल होने की पुष्टि हुई। हर्षप्रीत के बयान के बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी। अवैध हथियार रखने के आरोप में हर्षप्रीत के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर लकी पाटियाल ने पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया। उसने शूटरों रंजन उर्फ पीयूष पहलवान और प्रीतम को हत्या के लिए तैयार किया। उन्हें हथियार, भागने के लिए बाइक और खर्च के लिए पैसे उपलब्ध कराए गए। जांच में यह भी सामने आया कि 18 मार्च को दोनों शूटरों ने पहले ही जिम के बाहर पहुंचकर रेकी की थी। जैसे ही चमनप्रीत सिंह जिम से बाहर निकले, उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं और आरोपी मौके से फरार हो गए।

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