June 11, 2026

मुश्किल समय में ममता का साथ नहीं छोड़ूंगा: शत्रुघ्न सिन्हा

कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अब तक की सबसे बड़ी टूट हो गई है। पार्टी के अंदर मची इस भगदड़ में कई बड़े नेताओं ने खुलेआम बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। एक तरफ जहां पार्टी के दर्जनों विधायक और सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़ रहे हैं, वहीं दिग्गज नेता और आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बागियों के सुर में सुर मिलाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुश्किल घड़ी में अपनी नेता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष इस कदर बढ़ गया है कि 64 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अपना एक अलग गुट बना लिया है। हालात ये हैं कि खुद ऋतब्रत विधानसभा में नेता विपक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गए हैं। विधायकों की इस बगावत की आंच लोकसभा और राज्यसभा तक भी पहुंच गई है। कभी ममता बनर्जी की बेहद खास मानी जाने वालीं काकोली घोष के नेतृत्व में करीब 20 सांसदों ने भी पार्टी से बगावत कर दी है। इस बागी गुट में बीजेपी की प्रखर आलोचक रहीं सायोनी घोष और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।

बागियों की इस लंबी चौड़ी लिस्ट में बीते दिन शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी उछाला जा रहा था, लेकिन गुरुवार को उन्होंने इन सभी अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया। आसनसोल से टीएमसी सांसद ने साफ कर दिया कि वह बागी गुट का हिस्सा नहीं हैं। सिन्हा ने कहा कि जब उनके सामने मुश्किल वक्त था, तब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी उनके साथ ढाल बनकर खड़ी रही थीं। ऐसे में अब जब पार्टी और ममता बनर्जी खुद संकट के दौर से गुजर रही हैं, तो वह उनका साथ हरगिज नहीं छोड़ेंगे। सिन्हा ने इसे अपना कर्तव्य बताते हुए कहा कि वह दुख की इस घड़ी में पूरी निष्ठा के साथ टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगे।

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