June 10, 2026

अमेरिका-ईरान में बढ़ते सैन्य तनाव पर रूस ने गहरी चिंता जताई

दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील

मास्को, रूस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता जताई है और दोनों पक्षों से तत्काल संयम बरतने की अपील की है। यह तनाव 8 अप्रैल के संघर्षविराम के बाद सबसे गंभीर माना जा रहा है। अमेरिका इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम तो ईरान जवाबी कार्रवाई बता रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि रूस नए दौर के अमेरिका-ईरान सशस्त्र संघर्ष को लेकर अत्यंत चिंतित है। उन्होंने इसे बिना उकसावे के अमेरिका-इजरायल की ईरान के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए स्थिति को गंभीर करार दिया। जखारोवा ने कहा कि रूस दोनों पक्षों से अपील करता है कि वे संयम बरतें और तुरंत सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकें, ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े।
रूस और ईरान के संबंध लंबे समय से अमेरिका की मध्य एशिया, अफगानिस्तान और इराक में नीतियों को लेकर साझा अविश्वास पर आधारित रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, दोनों देशों के बीच यह रणनीतिक साझेदारी समय के साथ और मजबूत हुई है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई मौकों पर ईरान के साथ संबंधों को रणनीतिक प्राथमिकता बता चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है।
इस बयान के साथ ही रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने की दिशा में प्रयास तेज करे, ताकि पश्चिम एशिया में स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
वहीं, चीन ने भी चिंता जाहिर करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता लीन जिआन ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सभी पक्षों को संयम बनाए रखने की जरूरत है, संघर्ष को और बढ़ाने से बचना चाहिए। इससे क्षेत्र में हालात बनेंगे नहीं बल्कि और बिगड़ेंगे ही।
इस बीच, ईरान की ओर से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। आईआरजीसी ने इसकी जिम्मेदारी ली और इसे अमेरिकी कार्रवाई का जवाब बताया।

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