July 28, 2026

महाराष्ट्र के वाटरफॉल में फंसे 100 टूरिस्टों का रेस्क्यू, वसई में 20 कारें डूबीं

बिहार की कोसी नदी में समाए 6 मकान

नई दिल्ली, देश के बड़े हिस्से में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ चुका है, जो आज पूरे देश को कवर कर सकता है। उत्तर से लेकर पश्चिम भारत तक मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार में बाढ़ और जलभराव के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

महाराष्ट्र में रविवार को मानसून का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां पर्यटन स्थलों से लेकर शहरों तक सिर्फ पानी का कब्जा नजर आया।
रायगढ़ जिले के जेनिथ वाटरफॉल में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से करीब 100 टूरिस्ट वहां फंस गए। स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने बेहद सूझबूझ से रस्सी के सहारे सभी 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
वसई के मधुबन इलाके में सड़कें नदी में तब्दील हो गईं और करीब 5 फीट तक पानी भर गया। नालासोपारा और वसई को मिलाकर करीब 20 कारें पानी में पूरी तरह डूब गईं, जिनमें से एक कार पानी के तेज बहाव में 50 मीटर तक बह गई।
मुंबई में अलग-अलग इलाकों में आंधी-बारिश से 64 पेड़ धराशायी हो गए और 8 मकानों की दीवारें ढह गईं। कुर्ला वेस्ट में एक दुकान पर पेड़ गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंडावाला की मौत हो गई। वहीं, आरे कॉलोनी में बाइक पर पेड़ की टहनी गिरने से 18 वर्षीय हसन रजा की जान चली गई।
नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर में मेट्रो पिलर के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से सड़क पर मलबा आ गया, जिससे ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। वहीं मुंबई के एक अन्य इलाके में सड़क धंसने से एक टेंपो सीधे पानी में समा गया।
खराब मौसम के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों का संचालन करीब एक घंटे रोकना पड़ा, जिसके चलते इंडिगो की 4 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 13 फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया।
पुणे के कात्रज इलाके में एक सोसाइटी की चहारदीवारी पार्किंग शेड पर गिर गई, जिससे उसके नीचे 7 कारें और 7 बाइक दब गईं, जबकि एक अन्य घटना में दीवार गिरने से 2 मजदूर घायल हो गए।
रायगढ़ के जेनिथ वाटरफॉल में अचानक पानी बढ़ने से फंसे 100 पर्यटकों को रस्सी के सहारे सुरक्षित निकाला गया।

मुंबई में तेज हवाओं और आंधी के कारण 64 पेड़ गिर गए, जिसके मलबे में दबकर 2 लोगों की मौत हो गई।

भारी बारिश के कारण मुंबई एयरपोर्ट का रनवे संचालन एक घंटे ठप रहा, 4 उड़ानें रद्द और 13 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा।

उधर बिहार में भी मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है. खगड़िया जिले में कोसी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तेज कटाव शुरू हो गया है। रविवार को शिशवा गांव के छह मकान देखते ही देखते कोसी नदी के तेज बहाव में समा गए। नदी किनारे बने कई अन्य मकानों पर भी अभी जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है।

गुजरात के जूनागढ़ में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं, जहां रिहायशी इलाकों में 4 फीट तक पानी भर जाने से सड़कों पर नावें चलानी पड़ रही हैं। भावनगर में भारी बारिश के बीच एक कार पानी के तेज बहाव में बह गई, वहीं पोरबंदर में बाढ़ के बीच फंसे एक युवक को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बचाया।

राजधानी और आस-पास के इलाकों में रविवार दोपहर को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी व हवाओं के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले की बसंतर नदी में अचानक आए उफान के कारण 5 लोग फंस गए थे, जिन्हें पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने कड़े संघर्ष के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
हल्द्वानी में अचानक मौसम खराब होने के कारण एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर की एक स्कूल परिसर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत रही कि मैदान में खेल रहे 10-12 बच्चे और हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।
जैसलमेर में भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते एक होटल की छत पर लगा भारी-भरकम सोलर पैनल उड़कर सीधे सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से 3 राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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