अगर अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ तो फिर शुरू होगा युद्ध: ट्रंप
ईरान को दो टूक चेतावनी
नई दिल्ली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया, तो अमेरिका उसके खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में युद्ध शुरू करने की ठोस वजह मौजूद होगी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरान के पास अब प्रभावी नौसेना और वायुसेना नहीं बची है, जबकि उसका नेतृत्व तंत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ट्रंप ने कहा- उनके पास 159 जहाज थे और वे सभी अब समुद्र की तलहटी में पड़े हैं। हमारे पास इसकी तस्वीरें भी हैं। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव की जिम्मेदारी ईरान के कदमों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से जुड़े घटनाक्रमों की मीडिया कवरेज पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि ईरान को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन कुछ मीडिया संस्थान उसकी स्थिति को बेहतर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को 215 के मुकाबले 208 वोटों से एक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य कांग्रेस की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने से रोकना है। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।
प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- एक बेमतलब के मतदान में चार खराब रिपब्लिकन और सभी डेमोक्रेट्स ने मिलकर मेरी युद्ध शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की, जबकि मैं ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत के अंतिम दौर में हूं। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों और राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
