स्वदेशी हथियारों और तीनों सेनाओं के इंटीग्रेशन पर करेंगे काम: जनरल सुब्रमणि
देश के नए सीडीएस का बड़ा बयान
नई दिल्ली, पाकिस्तान और चीन मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने आज भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें महत्वाकांक्षी मिलिट्री थिएटराइजेशन योजना को लागू करने तथा तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और एकीकरण को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया।
गौरतलब है कि जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वह 31 जुलाई 2025 को सेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
सीडीएस का पदभार ग्रहण करने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय तथा एकीकृत सैन्य ढांचे को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा- हम सशस्त्र बलों में स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास और उन्हें तेजी से शामिल करने की दिशा में काम करेंगे। साथ ही, सेनाओं के एकीकरण की प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी। भारतीय सशस्त्र बलों ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में हमेशा पेशेवर दक्षता और निर्णायक क्षमता का परिचय दिया है। हम देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जनरल सुब्रमणि ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बल समर्पण, साहस, सम्मान और उच्चतम पेशेवर मानकों के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहेंगे।
चार दशकों से अधिक लंबे सैन्य करियर के दौरान जनरल सुब्रमणि ने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
वह 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख रहे, जबकि मार्च 2023 से जून 2024 तक उन्होंने सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी।
