July 4, 2026

चीनी ऐप से बीच सड़क बंद हो रहे थे ई-रिक्शा, सरकार ने लिया बड़ा एक्शन

ऐप स्टोर से हटाए गए 2 ऐप्स

नई दिल्ली, देश में चीनी स्मार्टफोन ऐप ‘बीएटी-बीएमएस’ के जरिए ई-रिक्शा को बीच सड़क रिमोट से बंद किए जाने के दावों ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इस मामले के तूल पकड़ते ही भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसके ध्यान में ऐसे दो संदिग्ध ऐप आए थे, जिन्हें अब गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से पूरी तरह हटा दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि ऐप स्टोर को सुरक्षा के प्रति पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर दोनों प्लेटफार्मों के साथ गहन चर्चा करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई भी नुकसान पहुंचाने वाला ऐप भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध न रहे।

सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान इस मामले पर बोलते हुए आईटी सचिव एस. कृष्णन ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल सही है कि कल कुछ ऐसे ऐप सरकार के ध्यान में आए थे और त्वरित कदम उठाते हुए उन दोनों को ही ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि यह पूरा विवाद गुरुवार को तब अचानक चर्चा में आया, जब इंटरनेट पर कुछ ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें दावा किया गया कि चीनी स्मार्टफोन ऐप बीएटी-बीएमएस से जुड़े रिमोट शटडाउन फीचर के जरिए भारत में चल रहे कई ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा था। इन वीडियो के सामने आने के बाद से ही इंटरनेट से जुड़े व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम की साइबर सुरक्षा को लेकर देश भर में एक बड़ी चिंता खड़ी हो गई थी।

ई-रिक्शा से जुड़ा यह पूरा विवाद शुरू होने से काफी पहले से ही ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर आसानी से उपलब्ध थे। तकनीकी रूप से देखें तो बीएटी-बीएमएस शुरुआत में कोई हैकिंग या नुकसान पहुंचाने वाला टूल नहीं था। इसे शेनझेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी द्वारा ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम-आयन बैटरी की निगरानी और प्रबंधन के लिए एक साथी ऐप के तौर पर विकसित किया गया था। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य बैटरी की सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे वोल्टेज, तापमान और चार्ज साइकिल को ट्रैक करना था। इसके अलावा, यह ऐप उपयोगकर्ताओं को बैटरी के उचित रखरखाव की सुविधा देने और जरूरत पड़ने पर बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को रिमोट से बंद करने का विकल्प भी देता था, जिसके कथित दुरुपयोग की खबरों ने अब सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

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