अबू धाबी के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला
आग लगने से मची अफरा-तफरी
नई दिल्ली, बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी इलाके में कथित ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और परमाणु सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है।
यूएई प्रशासन के मुताबिक ड्रोन स्ट्राइक के कारण प्लांट की आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर मौजूद एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही दमकल और सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया।
परमाणु सुरक्षा प्रणाली सुरक्षित फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन ने बयान जारी कर कहा कि न्यूक्लियर प्लांट के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और रेडिएशन स्तर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन किस स्थान से भेजा गया था। अब तक किसी संगठन या समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यूएई सरकार ने भी किसी देश या पक्ष का नाम लेने से परहेज किया है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच महत्वपूर्ण ऊर्जा और परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। यूएई प्रशासन ने कहा है कि संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
अरब दुनिया का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र
करीब 20 अरब डॉलर की लागत से तैयार किया गया। न्यूक्लियर पावर प्लांट दक्षिण कोरिया की तकनीकी सहायता से विकसित किया गया था। यह संयंत्र वर्ष 2020 में शुरू हुआ और इसे अरब प्रायद्वीप का पहला तथा अब तक का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र माना जाता है। वहीं, वियना स्थित इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई।
