July 16, 2026

उपायुक्त ने की जिला स्तरीय टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता*

· प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक करें सुनिश्चित- अपूर्व देवगन

मंडी, उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण तथा न्यायालयों के निर्देशों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण कार्यों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग, सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध के तहत की गई कार्रवाई एवं चालान संबंधी प्रगति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत अपशिष्ट पृथक्करण शेड, ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू सीवरेज प्रबंधन तथा मैकेनिकल डी-स्लजिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

जिला पर्यावरण योजना के अंतर्गत खनन प्रबंधन योजना, अधिसूचित आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) एवं जल गुणवत्ता संरक्षण, प्रदूषित नदी तंत्र की निगरानी, जिला सीवरेज प्रबंधन, स्कोडी नाले की निगरानी, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा नगर निगम एवं नगर पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति का भी विस्तृत आकलन किया गया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने, विभिन्न योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट प्रबंधन जनसहभागिता से सफल बनाया जा सकता है।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण, चालान, प्लास्टिक जब्ती तथा प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजारों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएं तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए इसे सड़क निर्माण, सीमेंट संयंत्रों तथा अन्य स्वीकृत माध्यमों के माध्यम से उपयोग में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सेप्टिक टैंक से निकाले गए मल को केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ही डंप किया जाए और इसका निस्तारण केवल अधिकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अथवा यांत्रिक डिस्लजर के माध्यम से ही किया जाए।

बैठक का संचालन क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विनय कुमार ने किया। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, आरटीओ नवीन कुमार, सहायक आयुक्त नगर निगम मंडी विजय कुमार, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ दिनेश ठाकुर,जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) जी.सी. पाठक, जिला पर्यटन अधिकारी रजनीश शर्मा, जल शक्ति, लोक निर्माण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिला के अन्य एसडीएम और बीडीओ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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