September 19, 2026

उपायुक्त अखिल पिलानी ने जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में दिए आवश्यक निर्देश

नूंह,
उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव, जल संरक्षण, जल गुणवत्ता निगरानी तथा जन-जागरूकता गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग जिला में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम के मद्देनजर पेयजल के संबंध में किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने ग्रामीण जलापूर्ति प्रणालियों के संचालन एवं रखरखाव हेतु लागू की गई सरकार-समुदाय साझेदारी आधारित संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि जनहित में जनस्वास्थ्य विभाग जिला में इस नीति का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित करे तथा नीति के सभी उद्देश्यों के तहत प्रभावी ढंग से कार्य किए जाएं।

उपायुक्त ने कहा कि इस नीति के अंतर्गत गांवों में जलापूर्ति योजनाओं का संचालन ग्राम पंचायतों एवं समुदाय की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे योजनाओं की स्थायित्व एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में इस नीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएं।

उन्होंने कहा कि संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 के सफल क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों के बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। साथ ही “जल महोत्सव” कार्यक्रम के अंतर्गत जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल एवं “हर घर जल” अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रैलियां, स्कूल गतिविधियां, चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं तथा सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उपायुक्त ने जल सेवा आंकलन की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला नूंह में 317 ग्राम पंचायतों में से 310 ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो लगभग 96.86 प्रतिशत उपलब्धि है। उन्होंने शेष पंचायतों में एलजीडी कोड मैपिंग संबंधी तकनीकी समस्याओं का भी शीघ्र समाधान करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता निगरानी एवं सर्विलांस गतिविधियों के अंतर्गत नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के नमूनों की जांच की जाए। प्री-मानसून जल परीक्षण अभियान के तहत जरूरी सक्रिय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा भी जल गुणवत्ता परीक्षण में सहयोग लिया जाए तथा गांवों में क्लोरीनेशन जांच भी नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उपायुक्त ने शिकायत निवारण केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 तथा व्हाट्सएप नंबर 90417-41800 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। शिकायत प्राप्त होते ही निर्धारित समय सीमा में उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण, जल गुणवत्ता एवं स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए ग्रामीण स्तर पर जन-जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि लोगों की सहभागिता बढ़े तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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