टेलीग्राम को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, नहीं हटेगा बैन
नई दिल्ली, आगामी 21 जून को होने वाली नीट यूजी की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम ऐप को दिल्ली हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए गए अस्थाई बैन को चुनौती देने वाली टेलीग्राम की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद प्लेटफॉर्म को फिलहाल कोई कानूनी राहत नहीं मिली है और उस पर लगा सरकारी प्रतिबंध जारी रहेगा।
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत जारी किए गए सरकारी आदेश को पूरी तरह से वैध ठहराते हुए टेलीग्राम की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस स्पष्ट फैसले के बाद अब यह तय हो गया है कि 22 जून तक टेलीग्राम को ब्लॉक करने के सरकार के कड़े फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा और यह बैन पूरी सख्ती के साथ लागू रहेगा।
अपने अहम फैसले में हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर लगे अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए कई तल्ख टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परीक्षा जैसी आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सरकार ने पूरी तरह से आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। अदालत ने कहा कि सरकार द्वारा जारी इन आदेशों में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह लगे कि फैसला बिना सोचे-समझे या जल्दबाजी में लिया गया हो। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि आईटी एक्ट के तहत इस प्लेटफॉर्म को जानकारी देने के दायरे से बाहर रखने का कोई भी ठोस कारण नजर नहीं आता है।
अदालत ने फैसले के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार के पास धारा 69ए के तहत सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए टेलीग्राम तक पहुंच पर रोक लगाने का निर्देश देने का पूरा अधिकार है। कोर्ट के अनुसार, इस मामले में आनुपातिकता की कसौटी पूरी तरह से खरी उतरती है और सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सबसे कम पाबंदी वाला है। अदालत ने साफ किया कि इस सरकारी आदेश को किसी भी नजरिए से अनुचित या बहुत ज्यादा कठोर नहीं कहा जा सकता। इन सभी कानूनी पहलुओं और वर्तमान स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने टेलीग्राम को किसी भी तरह की ढील देने से इनकार करते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया।
