टीएमसी को एक और झटका, राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने दिया इस्तीफा
कोलकाता, पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर असंतोष और हलचल बढ़ती जा रही है। पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने आज राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
बराइक से पहले टीएमसी के दो और कद्दावर राज्यसभा सांसद, सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। इन तीन बड़े इस्तीफों के बाद राज्यसभा में टीएमसी की ताकत काफी कमजोर हो गई है। बराइक के इस्तीफे के बाद अब टीएमसी के सांसदों की संख्या केवल 10 रह गई है।
राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, टीएमसी के भीतर असंतोष यहीं थमने वाला नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले एक हफ्ते में पार्टी के तीन और राज्यसभा सांसद अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ये अटकलें सच साबित होती हैं, तो संसद में ममता बनर्जी की पार्टी की स्थिति और कमजोर हो जाएगी।
हालांकि, इन इस्तीफों के पीछे के स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आए हैं, लेकिन विपक्षी दल इसे टीएमसी में बढ़ती कलह और असंतोष का संकेत मान रहे हैं।
इस सप्ताह बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने सांसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था। इसके पहले सीनियर नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा दिया था। 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुईं देव ने बताया कि यह उनका निजी फ़ैसला था और उन्होंने अपने भविष्य के प्लान के बारे में अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं की।
बराइक का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार और बगावत के कारण टीएमसी के भीतर अनिश्चितता बढ़ गई है। पिछले हफ्ते, पार्टी के 80 में से 65 विधायकों ने आधिकारिक टीएमसी विधानमंडल दल से अलग होकर विधानसभा में मुख्य विपक्षी गुट के रूप में मान्यता हासिल की। यह गुट निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बना। बागी गुट ने दावा किया कि उनकी ताकत बढ़ रही है।
इसके बाद यह संकट संसद तक पहुंच गया। बागी सांसदों ने, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में, 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन भी हासिल करने का दावा किया। बुधवार को जादवपुर की सांसद सायनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला रॉय भी बागी सांसदों के साथ शामिल हो गईं।
